ऋषभ पंत: क्रिकेट के ‘मिरेकल मैन’ की प्रेरणादायक कहानी, जानिए उनके जीवन, संघर्ष, IPL ट्रेड और नेट वर्थ से जुड़ी हर बात

भारतीय क्रिकेट में कुछ ही खिलाड़ी ऐसे हुए हैं, जिन्होंने अपनी बल्लेबाजी से न केवल मैच जीते हैं, बल्कि करोड़ों दिलों पर राज भी किया है। ऋषभ पंत ऐसे ही एक खिलाड़ी हैं, जिन्होंने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और असाधारण विकेटकीपिंग से दुनियाभर में अपनी पहचान बनाई है।

लेकिन पंत की कहानी सिर्फ क्रिकेट तक सीमित नहीं है; यह अदम्य साहस, संघर्ष और फिर से उठ खड़े होने की मिसाल है। उन्होंने दिसंबर 2022 में एक भीषण कार दुर्घटना का सामना किया, जिसमें उनकी जान मुश्किल से बची थी। डॉक्टरों ने भी उनके करियर के खत्म होने की आशंका जताई थी, लेकिन पंत ने अपनी मेहनत और जज़्बे से सबको चौंका दिया। लगभग 635 दिन की रिकवरी के बाद, 2024 में उन्होंने वापसी की और शानदार प्रदर्शन करके साबित कर दिया कि वे ‘मिरेकल मैन’ हैं।

यह लेख ऋषभ पंत के जीवन, उनके करियर, उनके IPL ट्रेड, पर्सनल लाइफ, नेट वर्थ और उस भयानक हादसे के बारे में हर छोटी-बड़ी जानकारी देगा, जिसने उन्हें बदल दिया। आज पंत सिर्फ एक क्रिकेटर नहीं, बल्कि युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं, जो साबित करते हैं कि असफलताएँ अस्थायी होती हैं, लेकिन हार न मानने का जज़्बा ही असली ताकत है।

ऋषभ पंत की शुरुआती जीवन और क्रिकेट करियर

ऋषभ राजेंद्र पंत का जन्म 4 अक्टूबर 1997 को उत्तराखंड के हरिद्वार में हुआ था। उनके पिता राजेंद्र पंत एक बिजनेसमैन हैं और माँ सरोज पंत एक गृहिणी हैं। क्रिकेट के प्रति उनका लगाव बचपन से ही था। वह रुड़की में अपनी बहन और माता-पिता के साथ एक कमरे के घर में रहते थे। एक किशोर के रूप में, वह सप्ताहांत में अपनी माँ के साथ रात की बस से दिल्ली – छह घंटे की यात्रा – क्रिकेट कोचिंग के लिए जाते थे। उन्होंने बताया कि उन दिनों ऐसे कई संघर्ष थे, जब वह प्रैक्टिस से पहले एक सिख मंदिर (गुरुद्वारे) में सो जाते थे।

उनके क्रिकेट-दीवाने पिता ने उन्हें भारत के लिए खेलने का सपना पूरा करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने अपनी प्रतिभा का लोहा 2016 अंडर-19 विश्व कप में मनवाया, जहाँ उन्होंने नामीबिया के खिलाफ शतक और नेपाल के खिलाफ सिर्फ 18 गेंदों में अर्धशतक लगाया।

साल 2015 में सिर्फ 18 साल की उम्र में उन्होंने रणजी ट्रॉफी में डेब्यू किया। 2017 में उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ T20I सीरीज में भारतीय टीम में बुलावा आया, जिससे वह भारत के लिए T20I मैच में डेब्यू करने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन गए। इसके बाद 2018 में वेस्टइंडीज के खिलाफ उन्होंने अपना वनडे डेब्यू किया और उसी साल इंग्लैंड दौरे पर टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया, जहाँ उन्होंने अपने तीसरे टेस्ट मैच में अपना पहला टेस्ट शतक लगाया।

ऑस्ट्रेलिया में ऐतिहासिक जीत और उभरता सितारा

ऑस्ट्रेलिया में ऐतिहासिक जीत और उभरता सितारा

ऋषभ पंत के करियर के कुछ सबसे शानदार पल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ रहे हैं। 2019 में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के दौरान सिडनी में उन्होंने नाबाद 159 रन की पारी खेली। 2020-21 की सीरीज में पंत ने इतिहास रच दिया। गाबा (ब्रिस्बेन) में खेले गए ऐतिहासिक टेस्ट मैच में भारत ने 328 रनों का लक्ष्य पीछा किया और पंत ने नाबाद 89 रन की पारी खेलकर भारत को अविस्मरणीय जीत दिलाई। विदेशी धरती पर उनके शानदार प्रदर्शन ने उन्हें एक वर्ल्ड-क्लास खिलाड़ी साबित किया है।

टेस्ट क्रिकेट में उनके कुछ सबसे शानदार प्रदर्शन सिडनी, केपटाउन, लीड्स और बर्मिंघम में रहे हैं। सितंबर 2024 में, पंत ने चेन्नई में बांग्लादेश के खिलाफ आक्रामक शतक लगाकर टेस्ट क्रिकेट में अपनी वापसी का ऐलान किया। आंकड़ों के अनुसार, पंत ने 51 टेस्ट मैचों में 89 पारियों में 43.59 की औसत और 74.21 की स्ट्राइक रेट से 3,662 रन बनाए हैं, जिसमें 8 शतक शामिल हैं।

दिल दहला देने वाला हादसा

दिल दहला देने वाला हादसा

क्रिकेट जगत के लिए 30 दिसंबर 2022 की सुबह एक सदमे जैसी थी। ऋषभ पंत दिल्ली से अपने गृहनगर रुड़की जा रहे थे, तभी देहरादून-दिल्ली हाईवे पर उनकी कार डिवाइडर से टकरा गई, पलट गई और उसमें आग लग गई। राहगीरों ने उन्हें बाहर निकाला और अस्पताल पहुँचाया। डॉ. दिनशॉ पारडीवाला के अनुसार, पंत उस हादसे में बच पाना बेहद ‘लकी’ थे।

पंत को कई गंभीर चोटें आईं – उनका दाहिना घुटना पूरी तरह से विस्थापित (डिस्लोकेट) हो गया था, टखने में चोट आई थी, पीठ पर गहरी खरोंचें थीं, और दुर्घटना के दौरान उनकी गर्दन से घुटनों तक की पूरी त्वचा छिल गई थी। सबसे बड़ा खतरा यह था कि उनके घुटने की मुख्य रक्त वाहिका (ब्लड वेसल) भी फट सकती थी। डॉ. पारडीवाला ने बताया कि इतनी भयंकर चोट में रक्त वाहिका सही रहना और पैर का बच जाना चमत्कार से कम नहीं था।

पंत ने खुद बताया कि उनका दाहिना पैर गंभीर रूप से विस्थापित हो गया था और उन्होंने किसी से मदद मांगी कि वह उसे वापस जगह पर लगा दे। उन्होंने कहा कि अगर कोई तंत्रिका क्षति (नर्व डैमेज) हुई होती या अधिक गंभीर चोटें आई होतीं, तो उनके पैर को काटने (एम्प्यूटेशन) की नौबत आ सकती थी, और यह जानकर वह बहुत डर गए।

जब पंत को अस्पताल लाया गया, तो उन्होंने डॉक्टर से सबसे पहला सवाल पूछा: “क्या मैं दोबारा क्रिकेट खेल पाऊंगा?” जबकि उनकी माँ ने डॉक्टर से पूछा: “क्या वह फिर से चल पाएगा?” डॉ. पारडीवाला ने 6 जनवरी 2023 को पंत के दाहिने घुटने की 4 घंटे की सर्जरी की, जिसमें तीन लिगामेंट्स को फिर से बनाया गया और टेंडन्स व मेनिस्कस की मरम्मत की गई।

वापसी: मिरेकल मैन की कहानी

सर्जरी के बाद कई हफ्तों तक पंत अपने दाँत तक ब्रश नहीं कर पाते थे; उनके हाथ पूरी तरह सूज गए थे और वह उन्हें हिला नहीं पाते थे। धीरे-धीरे उन्होंने बिना सहारे के पानी पीना शुरू किया और चार महीने बाद बिना बैसाखी के चल पाए। उन्होंने बेंगलुरु में NCA में 3.5 घंटे तक जिम और एक्वा थेरेपी की कठिन रिहैबिलिटेशन प्रक्रिया से गुज़रने के बाद 635 दिनों के बाद पेशेवर क्रिकेट में वापसी की।

साल 2024 आईपीएल में ऋषभ पंत की वापसी क्रिकेट जगत के लिए इमोशनल पल थी। उन्होंने दिल्ली कैपिटल्स की कप्तानी करते हुए वापसी की और पहले ही मैच में 51 रन की पारी खेलकर स्टैंडिंग ओवेशन प्राप्त किया। 2024 में ही बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट मैच में शतक लगाया और वह 2024 T20 विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम का भी हिस्सा थे। 2025 में इंग्लैंड दौरे पर हेडिंग्ले में उन्होंने लगातार शतक लगाए। डॉ. पारडीवाला के अनुसार, मौत का सामना करने के बाद पंत अब ज्यादा परिपक्व और दार्शनिक हो गए हैं, जो जीवन की हर चीज की कद्र करते हैं।

आईपीएल ट्रेड: लखनऊ से दिल्ली तक का सफर

आईपीएल ट्रेड: लखनऊ से दिल्ली तक का सफर

आईपीएल के इतिहास में सबसे चर्चित ट्रेड में से एक है ऋषभ पंत का। 2025 सीजन से पहले लखनऊ सुपर जायंट्स ने उन्हें 27 करोड़ रुपये में खरीदा था, जो उन्हें IPL के सबसे महंगे खिलाड़ियों में शामिल करता था। हालांकि, उनकी कप्तानी में टीम का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा – 2025 में सातवें और 2026 में 10वें (आखिरी) स्थान पर रही। उन्होंने कप्तान के रूप में 28 लीग मैचों में से केवल 10 जीते, जीत का प्रतिशत सिर्फ 35.71% रहा।

आईपीएल 2026 के बाद एक बड़ा बदलाव हुआ। ऋषभ पंत वापस अपनी पुरानी फ्रेंचाइजी दिल्ली कैपिटल्स लौट आए। इस ट्रेड में दिल्ली ने भारत के प्रमुख सफेद-गेंद स्पिनर कुलदीप यादव को लखनऊ को भेजा और पंत को 15 करोड़ रुपये में साइन किया, यानी उन्होंने 12 करोड़ रुपये की कटौती स्वीकार की। पंत ने दिल्ली के लिए 2016 से 2024 तक नौ सीज़न खेले हैं, 111 मैचों में सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले खिलाड़ी हैं और 2021 से 2024 तक 43 मैचों में टीम की कप्तानी भी की है।

पूर्व क्रिकेटर वसीम जाफर ने पंत को सलाह दी कि वह कप्तानी से दूर रहें। जाफर ने कहा, अगर दिल्ली कैपिटल्स उन्हें कप्तानी की पेशकश भी करती है, तो मुझे लगता है कि उनके लिए ‘नहीं’ कहना बेहतर होगा। मुझे लगता है कि उन्हें एक खिलाड़ी के रूप में खेलना चाहिए क्योंकि उनका प्रदर्शन गिर गया है। मुझे लगता है कि रिषभ की प्राथमिकता आईपीएल में अच्छा प्रदर्शन करना और T20I तथा वनडे टीम में वापसी करना होना चाहिए। कप्तानी उनकी प्राथमिकता नहीं होनी चाहिए।

पर्सनल लाइफ: कौन हैं ऋषभ पंत की पूर्व प्रेमिका?

पर्सनल लाइफ: कौन हैं ऋषभ पंत की पूर्व प्रेमिका?

क्रिकेट फैंस ऋषभ पंत की पर्सनल लाइफ को लेकर भी काफी उत्सुक रहते हैं। ऋषभ पंत फिलहाल अविवाहित हैं। वह एक इंटीरियर डिजाइनर और इंटरप्रेन्योर ईशा नेगी के साथ लंबे समय से रिश्ते में थे, लेकिन जानकारी के अनुसार, वह अब एक-दूसरे के साथ नहीं हैं। दोनों सोशल मीडिया पर एक-दूसरे को फॉलो नहीं करते हैं और उनके ब्रेकअप को लेकर चर्चा है। न तो ऋषभ पंत और न ही ईशा नेगी ने अपनी वर्तमान स्थिति के बारे में कोई आधिकारिक बयान दिया है, इसलिए यह जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है।

कौन हैं ईशा नेगी?

ईशा नेगी देहरादून की रहने वाली हैं जानकारी के मुताबिक और उन्होंने कॉन्वेंट ऑफ जीसस एंड मैरी, देहरादून से स्कूली शिक्षा और अमिटी यूनिवर्सिटी, नोएडा से BA ऑनर्स (इंग्लिश) की डिग्री हासिल की है। वह एक प्रोफेशनल इंटीरियर डिजाइनर और बिजनेस वूमन हैं।

रिलेशनशिप की शुरुआत

जानकारी के अनुसार, पंत और ईशा 2015 के आसपास एक-दूसरे को जानते थे, जब पंत अंडर-19 क्रिकेट में थे। जनवरी 2019 में, उन्होंने सोशल मीडिया पर अपने रिश्ते को सार्वजनिक किया। 2025 में उनकी शादी की अफवाहें चलीं, लेकिन बाद में ब्रेकअप की खबरें आईं।

ऋषभ पंत की कुल संपत्ति

ऋषभ पंत भारतीय क्रिकेट के सबसे अमीर युवा खिलाड़ियों में से एक हैं। जानकारी के अनुसार, उनकी कुल नेट वर्थ लगभग ₹100-150 करोड़ के बीच आंकी गई है। पंत ने हाल ही में 2025-26 वित्तीय वर्ष में ₹23.84 करोड़ का भारी भरकम इनकम टैक्स चुकाया है और उत्तराखंड के सबसे बड़े टैक्सपेयर बनकर सुर्खियों में हैं।

जानकारी के अनुसार आय के प्रमुख स्रोत:

IPL सैलरी: पंत ने लखनऊ सुपरजायंट्स से ₹27 करोड़ की सैलरी ली। 2027 सीज़न से दिल्ली कैपिटल्स से ₹15 करोड़ सैलरी पर खेलेंगे।

BCCI कॉन्ट्रैक्ट: पंत BCCI की ग्रेड-B कैटेगरी में आते हैं, जिसके तहत उन्हें सालाना ₹3 करोड़ मिलते हैं।

मैच फीस: टीम इंडिया के लिए खेलने पर उन्हें ₹15 लाख (टेस्ट), ₹6 लाख (ODI) और ₹3 लाख (T20I) प्रति मैच मिलते हैं।

ब्रांड एंडोर्समेंट: एडिडास, ड्रीम11, बोट, JSW जैसे बड़े ब्रांड्स के साथ उनके करार हैं, जिससे उन्हें सालाना ₹8-15 करोड़ मिलते हैं। उनके विज्ञापन शूट की फीस ₹2.5 करोड़ प्रति दिन है और दो दिन के इवेंट के लिए ₹4.5-4.75 करोड़ मिलते हैं।

संपत्ति और शौक:

पंत के पास दिल्ली और उत्तराखंड में घर हैं। दिल्ली में उनका घर लगभग ₹2-3 करोड़ का है। वह अब उत्तराखंड में एक नया घर बनाने की योजना बना रहे हैं। उन्हें लग्जरी कारों का शौक है, जिनमें फोर्ड मस्टैंग, ऑडी A8 और मर्सिडीज-बेंज GLE शामिल हैं।

ऋषभ पंत: उम्र, ऊंचाई और अहम आंकड़े

ऋषभ पंत: उम्र, ऊंचाई और अहम आंकड़े

ऋषभ पंत की उम्र 28 साल है (जन्म: 4 अक्टूबर 1997)। उनकी ऊंचाई लगभग 5 फीट 7 इंच (170 सेमी) है।

प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय आंकड़े:

टेस्ट: 51 मैच, 89 पारियां, 3,662 रन, 43.59 की औसत, 74.21 की स्ट्राइक रेट, 8 शतक, उच्चतम स्कोर 159*।

IPL: दिल्ली कैपिटल्स के सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले खिलाड़ी (111 मैच)।

2026 की नवीनतम अपडेट्स: IPL संघर्ष, दिल्ली वापसी और कोलंबो चोट

IPL 2026: लखनऊ में निराशाजनक सीज़न

ऋषभ पंत के लिए IPL 2026 का सीज़न बेहद निराशाजनक रहा। लखनऊ सुपर जायंट्स की कप्तानी करते हुए उनकी टीम ने 14 मैचों में से सिर्फ 4 मैच जीते और अंक तालिका में सबसे निचले (10वें) स्थान पर रही। इस सीज़न में पंत के बल्ले से कुल 312 रन निकले, जो उनसे जुड़ी उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे। टीम के खराब प्रदर्शन से निराश होकर, पंत ने स्वेच्छा से कप्तानी छोड़ने का फैसला किया, जिसे फ्रैंचाइज़ी ने स्वीकार कर लिया।

दिल्ली कैपिटल्स में वापसी

IPL 2026 के बाद एक बड़ा ट्रेड हुआ, जिसमें ऋषभ पंत वापस दिल्ली कैपिटल्स लौट आए। इस ट्रेड में दिल्ली ने भारत के प्रमुख स्पिनर कुलदीप यादव को लखनऊ को भेजा और पंत को 15 करोड़ रुपये में साइन किया। गौरतलब है कि पंत ने इसके लिए 12 करोड़ रुपये की कटौती स्वीकार की, क्योंकि वे लखनऊ से 27 करोड़ रुपये की सैलरी ले रहे थे।

कप्तानी को लेकर बहस

दिल्ली वापसी के साथ ही कप्तानी को लेकर बहस शुरू हो गई। पूर्व भारतीय क्रिकेटर वसीम जाफर ने पंत को सलाह दी कि अगर दिल्ली उन्हें कप्तानी की पेशकश करती है, तो उन्हें ‘न’ कह देना चाहिए। जाफर का मानना है कि पंत की प्राथमिकता IPL में अच्छा प्रदर्शन करना और भारतीय टीम (T20I और वनडे) में वापसी करनी चाहिए, क्योंकि फिलहाल वह भारतीय टीम की लीडरशिप ग्रुप में नहीं हैं।

अक्षर पटेल का सपोर्ट

दिल्ली कैपिटल्स के मौजूदा कप्तान अक्षर पटेल ने पंत की वापसी पर कहा कि उन्हें फ्रैंचाइज़ की तरफ से पूरी आज़ादी मिलेगी। अक्षर ने कहा कि पंत के लिए दिल्ली उनका ‘अपना घर’ है और उन पर कोई अतिरिक्त दबाव नहीं होगा, बस वह अपना खेल खेलें और एन्जॉय करें।

कोलंबो टेस्ट में कलाई की चोट

23 अगस्त 2026 को कोलंबो में श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट के पहले दिन ऋषभ पंत को चोट लग गई। तेज़ गेंदबाज लाहिरू कुमारा की शॉर्ट गेंद पर पुल शॉट खेलने के प्रयास में गेंद उनके बाएं हाथ की कलाई पर लगी। पंत काफी दर्द में आ गए और मैदान पर फिजियो ने आइस पैक लगाया, लेकिन दर्द कम न होने पर उन्हें रिटायर्ड हर्ट होकर मैदान से बाहर जाना पड़ा। चोट की गंभीरता को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक अपडेट जारी नहीं किया गया है। फैंस और क्रिकेट विशेषज्ञ अब उनके स्वास्थ्य अपडेट का इंतज़ार कर रहे हैं, क्योंकि आने वाले महीनों में भारत को कई बड़ी सीरीज़ खेलनी हैं।

ऋषभ पंत सिर्फ एक क्रिकेटर नहीं हैं; वह साहस, जुनून और दृढ़ संकल्प की जीवंत मिसाल हैं। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की पिचों पर अपनी बल्लेबाजी से भारत को जीत दिलाई, एक जानलेवा हादसे का सामना किया और उसके बाद सर्जरी से लेकर NCA में कठिन रिहैबिलिटेशन तक का सफर तय कर मैदान पर वापस आए। उनकी कहानी साबित करती है कि इरादे मजबूत हों तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता।

चाहे बात उनके रिकॉर्ड्स की हो, उनकी नेट वर्थ हो, या उनका IPL ट्रेड, ऋषभ पंत ने हमेशा सुर्खियों में रहना पसंद किया है और आने वाले वक्त में भी भारतीय क्रिकेट के लिए उनसे बड़ी उम्मीदें हैं। 2026 में दिल्ली वापसी, कप्तानी को लेकर बहस और कोलंबो में चोट – हर घटना ने उनके करियर में एक नया मोड़ जोड़ा है। वह युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा हैं कि मुश्किलें चाहे कितनी भी बड़ी क्यों न हों, अगर हार न मानें तो वापसी हमेशा संभव है।

    Author

    • मैं अनामिका गुप्ता, एक पत्रकार हूँ। पिछले 5 वर्षों में मैंने ब्रेकिंग, राजनीति, अपराध, सामाजिक, मनोरंजन, टेक्नोलोजी, खेल, विज्ञान, वित्त एवं निवेश और प्रौद्योगिकी मुद्दों और फीचर स्टोरीज़, हर विधा में काम किया है। जटिल मामलों को सरल भाषा में समझाना मेरी कला है और निष्पक्ष रिपोर्टिंग मेरी पहचान। इस वेबसाइट पर मैं पाठकों तक सच्चाई पहुँचाने का काम करती हूँ।

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