पटना: 70वीं BPSC परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर छात्रों ने मंगलवार को गांधी मैदान से मार्च शुरू किया। यह मार्च मुख्यमंत्री आवास की ओर जा रहा था। रास्ते में जेपी गोलंबर के पास पहुँचकर प्रदर्शनकारियों ने लगाई गई बैरिकेडिंग तोड़ दी। इसके बाद पुलिस बल मौके आमने-सामने आ गए, और दोनों पक्षों के बीच तनावपूर्ण स्थिति बन गई।
एक छात्रा ने कहा कि वे लंबे समय से अपनी माँगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी वे बातचीत के लिए आगे बढ़ते हैं, तो सरकार उन पर लाठीचार्ज और पानी की बौछार करती है। उनका कहना था कि अब वे इस तरह के व्यवहार को बर्दाश्त नहीं करेंगे।
बैठक के बाद भी माँगें अधूरी
इससे एक दिन पहले यानी सोमवार को पटना के जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने छात्र नेताओं सौरव कुमार और दिलीप कुमार के साथ बातचीत की थी। इस बैठक के बाद दिलीप कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री से मिलने की संभावना फिलहाल नहीं दिख रही है। वहीं सौरव कुमार ने साफ कर दिया कि अगर उनकी बात नहीं मानी गई तो 25 अगस्त को होने वाला बड़ा आंदोलन रुकेगा नहीं। उन्होंने पहले ही एलान कर दिया था कि सुबह दस बजे गांधी मैदान के गेट नंबर दस से मुख्यमंत्री के घर को घेरने के लिए निकला जाएगा।

विपक्षी नेता का बड़ा बयान
इस पूरे मामले में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी छात्रों का समर्थन किया है। उन्होंने मंगलवार को कहा कि बिहार अब पेपर लीक और बेरोजगारी का गढ़ बन चुका है। उन्होंने कहा कि जब हर परीक्षा, चाहे मैट्रिक हो, इंटर हो, BPSC हो या पुलिस भर्ती का पेपर लीक हो रहा है, तो छात्रों का गुस्सा होना स्वाभाविक है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के भ्रष्ट अधिकारी और बड़े रैकेट ही इन लीक की वजह हैं। साथ ही उन्होंने सरकार की भाषा को अमर्यादित और अहंकारी बताया और कहा कि छात्रों को “कुत्ता” कहना गलत है।
तेजस्वी ने यह भी पूछा कि आखिर इन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं होती? उनके मुताबिक छात्रों का भविष्य खतरे में है, इसलिए लोकतांत्रिक तरीके से विरोध-प्रदर्शन तो होगा ही







