नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET-UG) 2026 के लिए 21 जून को प्रदेश भर में परीक्षा आयोजित की जाएगी। इसको लेकर प्रशासन ने सभी केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। भोपाल में 13,774 से अधिक छात्र परीक्षा देंगे, जबकि परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए इंदौर-भोपाल के बीच विशेष ट्रेन भी चलाई जाएगी।
राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) 2026 के लिए मध्य प्रदेश प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर कमर कस ली है। 21 जून को होने वाली इस महत्वपूर्ण परीक्षा के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकने के लिए सभी परीक्षा केंद्रों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। प्रदेश के कलेक्टर और पुलिस अधिकारी स्वयं व्यवस्थाओं का जायजा लेने में जुटे हैं।
भोपाल में 13,774 परीक्षार्थी, कलेक्टर ने ली बैठक
भोपाल जिले में इस वर्ष कुल 13,774 छात्र NEET-UG परीक्षा में शामिल होंगे। जिला प्रशासन ने परीक्षा केंद्रों पर तैयारियां पूरी कर ली हैं। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने गुरुवार को 32 केंद्र प्रभारियों के साथ एक-एक करके बैठक की। इस दौरान उन्होंने निर्देश दिए कि कई बार दो-तीन केंद्रों के नाम एक जैसे होने के कारण परीक्षार्थियों में भ्रम की स्थिति पैदा हो जाती है। इसलिए सभी केंद्रों पर केंद्र का नाम और स्थान स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया जाए।
रिपोर्ट के अनुसार, हमीदिया रोड स्थित केंद्रों के आस-पास अक्सर वाहन खड़े कर दिए जाते हैं, जिससे छात्रों को देरी हो सकती है। इस समस्या के समाधान के लिए पुलिस को तुरंत अवैध पार्किंग हटाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, पुराने शहर में मेट्रो निर्माण कार्य चल रहा है, जिससे बैरिकेडिंग की वजह से केंद्रों का नाम छिप सकता है। इसलिए, केंद्रों तक पहुंचने के लिए दिशा-निर्देशक बोर्ड लगाए जाएंगे।
केंद्रों पर जैमर और सीसीटीवी की तैनाती
परीक्षा की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए सभी केंद्रों पर जैमर और CCTV कैमरे लगाए जा रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, परीक्षा केंद्र के बाहर समय की जानकारी के लिए एक बड़ी घड़ी भी लगाई जाएगी। किसी भी परीक्षार्थी की तबीयत बिगड़ने पर केंद्र पर डॉक्टर भी तैनात रहेंगे। जबलपुर में भी 23 केंद्रों पर 10 हजार से अधिक परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। यहां पहली बार छात्रों को केंद्र तक पहुंचाने के लिए बस सेवा शुरू की गई है। साथ ही, अभिभावकों के लिए शेड, बैठने की व्यवस्था, कूलर और अस्थायी कैंटीन की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। 20 जून को इन सभी व्यवस्थाओं का ट्रायल किया जाएगा।
परीक्षार्थियों के लिए स्पेशल ट्रेन
रेलवे ने परीक्षार्थियों की यात्रा सुविधा के लिए विशेष ट्रेनों का संचालन करने का निर्णय लिया है। सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया के अनुसार, इंदौर, भोपाल और रतलाम के बीच एक ट्रिप स्पेशल ट्रेन चलाई जाएगी। गाड़ी संख्या 09354 इंदौर-भोपाल स्पेशल ट्रेन 20 जून को इंदौर से सुबह 11:25 बजे रवाना होगी और रतलाम, उज्जैन, सीहोर होते हुए शाम 5 बजे भोपाल पहुंचेगी। वापसी में गाड़ी संख्या 09353 भोपाल-रतलाम स्पेशल ट्रेन उसी दिन शाम 7:40 बजे भोपाल से चलेगी। इस ट्रेन में 13 स्लीपर कोच, 2 सामान्य श्रेणी के कोच सहित कुल 17 कोच होंगे।
ग्वालियर और जबलपुर में भी विशेष तैयारी
ग्वालियर जिले में 25 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां लगभग 5,000 छात्र परीक्षा देंगे। कलेक्टर रुचिका चौहान और एसएसपी धर्मवीर सिंह ने शुक्रवार को केंद्रों का निरीक्षण किया। कलेक्टर ने बताया कि पेपर का मूवमेंट बहुत सुरक्षित तरीके से होगा। छात्रों की एंट्री सुबह 11 बजे से शुरू होगी और दोपहर 1 बजे के बाद किसी को प्रवेश नहीं मिलेगा। उपस्थिति बायोमेट्रिक तरीके से दर्ज की जाएगी। एसएसपी ने बताया कि छात्रों की सुविधा के लिए व्हाट्सएप नंबर जारी किए गए हैं। यदि कोई छात्र ट्रैफिक में फंस जाता है, तो वह 112 नंबर पर कॉल करके मदद ले सकता है। जबलपुर में 23 केंद्र बनाए गए हैं, जहां 10 हजार से अधिक परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। इसी दिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, राज्यपाल मंगूभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का जबलपुर दौरा भी प्रस्तावित है, जिसके चलते प्रशासन ने परीक्षा और वीवीआईपी आवाजाही को सुचारू रखने के लिए अलग से रोडमैप तैयार किया है।
NEET-UG 2026 की तैयारियों को लेकर मध्य प्रदेश प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा उपकरण लगाए जा रहे हैं, जबकि परिवहन, चिकित्सा और अन्य बुनियादी सुविधाओं को सुनिश्चित किया गया है। प्रशासनिक अधिकारी लगातार तैयारियों का जायजा ले रहे हैं ताकि परीक्षार्थियों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
