लोक की धुन, साहित्य का मंथनः मोतिहारी में सजा प्री-लोकमंथन

अखिल भारतीय साहित्य परिषद् न्यास के तत्वावधान में रविवार को मोतिहारी के होटल रैमसन प्लाजा में प्री-लोकमंथन-2026 का आयोजन किया गया। पहले सत्र में लोकसाहित्य और उसके विभिन्न आयामों पर वक्ताओं ने विचार रखे। दूसरे सत्र में लोकगीतों की प्रस्तुतियां हुईं। दोनों सत्रों की अध्यक्षता प्रो. अरुण कुमार ने की। कार्यक्रम की संयोजक डॉ. मीनाक्षी मीनल रहीं।

कार्यक्रम के प्रथम सत्र में लोकसाहित्य

लोकसाहित्य के विविध आयामों पर चर्चा

अखिल भारतीय साहित्य परिषद् न्यास के तत्वावधान में रविवार को मोतिहारी के होटल रैमसन प्लाजा में प्री-लोकमंथन-2026 कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्यक्रम के प्रथम सत्र में लोकसाहित्य और उसके विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई। प्रो. अरुण कुमार ने लोकसाहित्य की नायिकाओं के सुख-दुख को उदाहरणों के जरिए प्रस्तुत किया। प्रो. संत साह ने लोकोक्तियों के महत्व पर प्रकाश डाला। डॉ. दिवाकर राय ने लोकगीतों के विविध पक्षों पर बात की।

गुलरेज शहजाद ने कविता में लोक की भूमिका पर विचार रखे

डॉ. गोविंद प्रसाद वर्मा और डॉ. विनय कुमार सिंह ने शास्त्र एवं लोक का तुलनात्मक विश्लेषण करते हुए लोक के महत्व को रेखांकित किया। गुलरेज शहजाद ने कविता में लोक की भूमिका पर विचार रखे। प्रेमप्रकाश और संतोष त्रिवेदी ने भी लोक के विभिन्न पक्षों पर प्रकाश डाला, प्रथम सत्र में प्रो. अरुण कुमार मुख्य अतिथि, प्रो. संत साह सारस्वत अतिथि तथा डॉ. दिवाकर राय मुख्य वक्ता रहे। डॉ. गोविंद प्रसाद वर्मा, डॉ. विनय कुमार सिंह, गुलरेज शहजाद और सुशील कुमार विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

लोकगीतों की प्रस्तुतियों ने बांधा समां

लोकगीतों की प्रस्तुतियों ने बांधा समां

कार्यक्रम के दूसरे सत्र में लोकगीतों की प्रस्तुतियां हुईं। लोकगायिका अनिता कुमारी, सुनील कुमार और देवनारायण प्रसाद ने लोकगीतों की प्रस्तुति देकर कार्यक्रम को लोक संस्कृति के रंग से सराबोर किया, दोनों सत्रों की अध्यक्षता प्रो. अरुण कुमार ने की, जबकि मंच संचालन डॉ. विकास कुमार ने किया। कार्यक्रम की संयोजक अखिल भारतीय साहित्य परिषद् की केंद्रीय कार्यकारिणी सदस्य डॉ. मीनाक्षी मीनल रहीं।

इस अवसर पर डॉ. सुनील कुमार, विनय कुमार बिन्नू, विवेक सिंह, राजगुरु, धनंजय उदय, रूपेश कुमार, शिवम कुमार सिंह, गौतम कुमार, सोनी कुमारी सहित बड़ी संख्या में साहित्यप्रेमी एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे, कार्यक्रम में केंद्रीय कार्यकारिणी सदस्य (लोक साहित्य) अखिल भारतीय साहित्य परिषद की संयोजक डॉ. मीनाक्षी मीनल को कठपुतली कलाकार सुनील कुमार द्वारा लीचिया लाले पुस्तक भेंट कर सम्मानित किया गया।

Author

  • रश्मि शर्मा, पत्रकार व लेखिका। 8+ वर्षों का अनुभव।
    विशेषज्ञता: नेशनल और अंतरराष्ट्रीय राजनीति, क्रिकेट-ओलंपिक, शेयर बाजार, अर्थव्यवस्था, AI-टेक, विज्ञान, स्वास्थ्य नीति व अर्थव्यवस्था, मनोरंजन।
    जटिल खबरों को सरल भाषा में समझाना मेरी पहचान।

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