भोपाल मास्टर प्लान पर बैठक में हंगामा, कांग्रेस विधायक नाराज होकर बाहर निकले

भोपाल के मास्टर प्लान को लेकर दिशा समिति की बैठक में कांग्रेस विधायकों ने हंगामा किया। मास्टर प्लान लागू न होने पर सवाल उठाने के दौरान फंदा जनपद अध्यक्ष से उनकी तीखी नोकझोंक हुई। नाराज दोनों विधायक बैठक छोड़कर चले गए। वहीं स्मार्ट सिटी पर भी विधायकों ने नाराजगी जताई।

भोपाल के मास्टर प्लान को लेकर शुक्रवार को जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में जमकर हंगामा हुआ। कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद और आतिफ अकील ने मास्टर प्लान लागू नहीं होने का मुद्दा उठाते हुए बैठक की उपयोगिता पर सवाल खड़े कर दिए। इस दौरान उनकी फंदा जनपद पंचायत अध्यक्ष प्रमोद सिंह राजपूत से तीखी बहस हो गई।

बैठक में क्या हुआ विवाद

बैठक के दौरान एजेंडे पर चर्चा चल रही थी, तभी कांग्रेस विधायकों ने कहा कि जब तक भोपाल का मास्टर प्लान लागू नहीं होता, तब तक ऐसी बैठकों का कोई औचित्य नहीं है। इसी बीच फंदा जनपद अध्यक्ष प्रमोद सिंह राजपूत ने बीच में हस्तक्षेप किया, जिस पर विवाद बढ़ गया।

विधायक आरिफ मसूद और आतिफ अकील ने राजपूत से पूछा कि वह किस हैसियत से बीच में बोल रहे हैं। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। करीब 10 मिनट तक बैठक का माहौल तनावपूर्ण बना रहा। विधायकों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि उनकी बात नहीं सुनी जानी है तो उन्हें बैठक में बुलाने का कोई औचित्य नहीं है। इसके बाद दोनों कांग्रेस विधायक बैठक छोड़कर बाहर निकल गए। बैठक की अध्यक्षता कर रहे सांसद ने उन्हें रोकने और शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन विधायक नहीं माने।

मास्टर प्लान पर सांसद ने क्या कहा

बैठक के बाद सांसद ने भी माना कि भोपाल के सुनियोजित विकास के लिए मास्टर प्लान का जल्द लागू होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि वे इस मुद्दे को लेकर जल्द ही मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे और मास्टर प्लान को शीघ्र लागू कराने का आग्रह करेंगे।

स्मार्ट सिटी पर भी उठे सवाल

बैठक में स्मार्ट सिटी परियोजना को लेकर भी जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों को घेरा। भाजपा विधायक भगवानदास सबनानी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि स्मार्ट सिटी ने भोपाल का नाश कर दिया है। उन्होंने बड़ी इमारतों में मूलभूत सुविधाओं की कमी, लिफ्ट में लोगों के फंसने और दशहरा मैदान की हालत पर सवाल उठाए।

सबनानी ने सुझाव दिया कि स्मार्ट सिटी के बड़े व्यावसायिक प्लॉट छोटे किए जाएं, ताकि अधिक खरीदार आएं और स्मार्ट सिटी की आय बढ़े। महापौर मालती राय ने भी स्मार्ट सिटी की स्ट्रीट लाइटों की समस्या पर सवाल उठाया। सांसद आलोक शर्मा ने कहा कि स्मार्ट सिटी परियोजना में कई विभागों के बीच समन्वय का अभाव है। उन्होंने पूरे प्रोजेक्ट के लिए एक नोडल एजेंसी बनाने का सुझाव दिया। इस पर कलेक्टर ने कहा कि वे अलग से बैठक कर समस्याओं का समाधान कराएंगे। बैठक में भोजपाल वेटलैंड प्राधिकरण से जुड़ा प्रस्ताव भी पास किया गया।

विधायकों के बीच मिली समर्थन की बात

इस दौरान कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने भाजपा विधायक भगवानदास सबनानी की बात का समर्थन करते हुए कहा कि “सबनानी जी वरिष्ठ नेता हैं। यदि वे समस्याएं बता रहे हैं तो निश्चित रूप से उनमें गंभीरता है। अधिकारियों को इनका जल्द समाधान करना चाहिए।” इसके बाद बैठक का एजेंडा आगे बढ़ाया गया।

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  • इसरत फातिमा 7 वर्षों के अनुभव वाली एक पेशेवर पत्रकार और कंटेंट राइटर हैं। वह राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय समाचार, राजनीति, व्यवसाय, शेयर बाजार, क्रिप्टोकरेंसी, प्रौद्योगिकी, शिक्षा, स्वास्थ्य, मनोरंजन और सरकारी योजनाओं सहित विभिन्न विषयों पर शोध-आधारित लेख लिखती हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय जानकारी सरल भाषा में पहुँचाना है।