मध्य प्रदेश के भोपाल-ब्यावरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर नरसिंहगढ़ के पास एक यात्री बस के पलट जाने से लगभग 26 यात्री घायल हो गए। बस भोपाल से गुना जा रही थी। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए चीखें सुनकर बचाव कार्य शुरू किया और घायलों को बाहर निकाला। सभी घायलों का नरसिंहगढ़ सिविल अस्पताल में उपचार चल रहा है और किसी की हालत गंभीर नहीं बताई गई है। पुलिस ने बस को कब्जे में लेकर हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
गुरुवार रात हुआ हादसा, बस में थे करीब 50 यात्री
गुरुवार रात करीब 9 बजे भोपाल-ब्यावरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर नरसिंहगढ़ के समीप एक निजी यात्री बस अनियंत्रित होकर पलट गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, बस भोपाल से गुना की ओर जा रही थी और उसमें लगभग 50 यात्री सवार थे। हादसे में करीब 26 यात्री घायल हो गए। राहत की बात यह रही कि किसी भी यात्री की जान नहीं गई और न ही किसी को गंभीर चोट आई है।
धमाके के बाद मची अफरा-तफरी, स्थानीय लोगों ने दिखाई सूझबूझ
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नरसिंहगढ़ से कुछ किलोमीटर पहले चालक ने बस पर से नियंत्रण खो दिया। तेज रफ्तार और सड़क के किनारे की कच्ची जगह के कारण बस संतुलन बिगाड़ते हुए नीचे उतर गई और एक ओर पलट गई। धमाके की आवाज सुनकर आसपास के राहगीर और दुकानदार तुरंत मौके पर पहुंचे। अंधेरे में टूटी खिड़कियों से धुआं और चीखें सुनाई दे रही थीं। स्थानीय लोगों ने बिना देर किए कांच तोड़कर और दरवाजे खोलकर यात्रियों को बाहर निकाला। कुछ यात्री खुद भी घबराकर बस से बाहर निकल आए।
प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा, घायलों को अस्पताल में किया भर्ती
हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला हरकत में आ गया। तहसीलदार, नायब तहसीलदार, थाना प्रभारी गूंजा सोलंकी, कुरावर पुलिस, डायल-112 और 108 एंबुलेंस की टीम मौके पर पहुंची। घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए तुरंत नरसिंहगढ़ सिविल अस्पताल ले जाया गया।
डॉक्टरों के अनुसार, अधिकांश यात्रियों को खरोंच, मोच और हल्की चोटें आई हैं। कुछ यात्रियों को सिर और हाथ-पैर में चोट लगी है, लेकिन उनकी हालत खतरे से बाहर बताई गई है। अस्पताल में देर रात तक डॉक्टरों की टीम उपचार में जुटी रही। जिन यात्रियों को चोट नहीं आई थी, वे अपना सामान लेकर दूसरे वाहनों से अपने गंतव्य के लिए रवाना हो गए।
पुलिस ने जांच शुरू की, तीन संभावित कारणों पर ध्यान
पुलिस ने बस को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक तौर पर तीन संभावित कारणों पर ध्यान दिया जा रहा है:
• रात में नींद और थकान के चलते चालक का ध्यान भटकना
• सड़क के किनारे गड्ढे या अचानक आया कोई अवरोध
• बस में तकनीकी खराबी
आरटीओ और यातायात पुलिस बस से जुड़े रिकॉर्ड खंगाल रही है। सीसीटीवी और राहगीरों के बयान भी लिए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही दुर्घटना की असली वजह साफ हो पाएगी।
स्थानीय लोगों की मदद की सराहना, प्रशासन ने कहा- सराहनीय भूमिका
स्थानीय लोगों ने जिस तत्परता से यात्रियों की मदद की, उसकी हर तरफ चर्चा हो रही है। कई राहगीरों ने अपनी निजी गाड़ियों से भी घायलों को अस्पताल पहुंचाया। प्रशासन ने उनकी भूमिका को सराहनीय बताया है।
परिवहन विभाग ने जारी किए निर्देश, ब्लैक स्पॉट होंगे चिह्नित
परिवहन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि निजी बस ऑपरेटरों को रात में गति सीमा और चालक बदलने के नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए जाएंगे। साथ ही, हाईवे के ब्लैक स्पॉट चिह्नित कर वहां अतिरिक्त साइनेज और बैरिकेड लगाए जाएंगे।
परिजन अस्पताल पहुंचे, हेल्पडेस्क बनाकर दी गई जानकारी
हादसे की खबर फैलते ही घायलों के परिजन अस्पताल पहुंचने लगे। अस्पताल प्रशासन ने हेल्पडेस्क बनाकर परिजनों को जानकारी दी। पुलिस ने बस चालक का बयान दर्ज कर लिया है। बस के दस्तावेज, फिटनेस और बीमा की जांच की जा रही है। घायलों के पूरी तरह ठीक होने के बाद उनके बयान भी दर्ज किए जाएंगे। जिला प्रशासन ने कहा है कि हादसे की विस्तृत रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजी जाएगी।







