भोजपुर जिले में पुलिस ने ऑपरेशन नया सवेरा 3.0 के तहत धोबहां थाना क्षेत्र में छापेमारी कर 12 लड़कियों को मुक्त कराया। इनमें नौ नाबालिग हैं। नौकरी का झांसा देकर लाई गई लड़कियों से जबरन नर्तकी का काम कराया जा रहा था। दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
बिहार के भोजपुर जिले में पुलिस ने ऑपरेशन नया सवेरा 3.0 के तहत बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस अधीक्षक को मिली गुप्त सूचना के आधार पर धोबहां थाना पुलिस की विशेष टीम ने धोबहां गांव के बगीचे में बने अस्थायी टिन और करकट के घर पर छापेमारी की। वहां से 12 लड़कियों को मुक्त कराया गया। इनमें नौ नाबालिग और तीन बालिग लड़कियां शामिल हैं।
पुलिस के मुताबिक, इन लड़कियों को रोजगार देने का भरोसा देकर बिहार के अलग-अलग जिलों के साथ-साथ पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ से लाया गया था। यहां पहुंचने के बाद उनकी इच्छा के खिलाफ नर्तकी का काम कराया जा रहा था। विरोध करने पर उन्हें बंधक बनाकर रखने की बात भी सामने आई है। मुक्त कराई गई लड़कियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने और उनके परिजनों तक भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
दो आरोपी गिरफ्तार, बाकी की तलाश जारी
इस मामले में मुकेश कुमार पासवान और उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले की रहने वाली जूली कुमारी को गिरफ्तार किया गया है। शुरुआती जांच में गिरोह से जुड़े पांच लोगों के नाम सामने आए हैं। इनमें धोबहां के केशो पासवान, किशोर राम और मानपुर के सोनू यादव भी शामिल बताए गए हैं। पुलिस बाकी आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है।
सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी-1 सुशील कुमार के अनुसार मामले की गंभीरता को देखते हुए पॉक्सो एक्ट, किशोर न्याय अधिनियम और बाल श्रम से संबंधित प्रावधानों समेत अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस लड़कियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि ऑपरेशन नया सवेरा 3.0 के तहत मानव तस्करी और शोषण के मामलों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।







