कटनी के जमीन सौदेबाजी और पद के दुरुपयोग मामले में निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया समेत तीन आरोपी करीब दो महीने से फरार हैं। जबलपुर रेंज के डीआईजी अतुल सिंह ने उनकी गिरफ्तारी के लिए घोषित इनाम दस हजार से बढ़ाकर बीस हजार रुपये कर दिया है। तीनों की अग्रिम जमानत याचिकाएं पहले ही खारिज हो चुकी हैं। एसआईटी तलाश में जुटी हुई है।
कटनी के जमीन सौदेबाजी और पद के दुरुपयोग के मामले में निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया, क्षितिज राज बारापात्रे और मारूफ अहमद हनफी करीब दो महीने से पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। पुलिस ने पहले इनकी गिरफ्तारी पर दस हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। अब जबलपुर रेंज के डीआईजी अतुल सिंह ने इस राशि को बढ़ाकर बीस हजार रुपये कर दिया है। डीआईजी ने टेलीफोन पर इसकी पुष्टि की है।
तीनों आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिकाएं कटनी जिला न्यायालय से खारिज हो चुकी हैं। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में भी वर्तमान में कोई अग्रिम जमानत याचिका विचाराधीन नहीं है। फिर भी आरोपी अभी तक गिरफ्तार नहीं हो सके हैं।
हाईकोर्ट में सीबीआई जांच की मांग
पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता अवनीश तिवारी ने हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की है। याचिका में मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की गई है। आरोप है कि निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया ने पद का दुरुपयोग करते हुए करीब बयासी लाख छियासी हजार रुपये मूल्य की जमीन पर दबाव बनाकर उसे महज अठारह लाख बीस हजार रुपये में अपने करीबियों के नाम करवाया, भोपाल सतर्कता शाखा की शिकायत और जबलपुर जोन के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर उन्नीस अगस्त को कुठला थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। इसमें धोखाधड़ी, पद के दुरुपयोग, आपराधिक षड्यंत्र और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराएं लगाई गई हैं।
एसआईटी कर रही तलाश
पुलिस के मुताबिक, एफआईआर दर्ज होने के बाद से ही तीनों आरोपी फरार हैं। जबलपुर की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंजना तिवारी को जांच अधिकारी बनाया गया है। उनके नेतृत्व में आठ सदस्यीय एसआईटी गठित की गई है। एसआईटी ने संभावित ठिकानों पर दबिश भी दी, लेकिन अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हो सकी है, मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर नेहा पच्चीसिया को निलंबित कर भोपाल पुलिस मुख्यालय में अटैच किया जा चुका है। कटनी सीएसपी का पद फिलहाल खाली है।







