आगरा के बापू नगर इलाके में सिंचाई विभाग ने 200 से ज्यादा मकानों को खाली करने के नोटिस जारी किए हैं। विभाग का कहना है कि ये मकान उसकी संपत्ति और नहर की जमीन पर बने हैं। नोटिस से इलाके में हड़कंप है। स्थानीय लोगों का दावा है कि कई परिवार करीब 60 साल से रह रहे हैं। महिलाएं घरों के बाहर धरने पर बैठी हैं।
ताजनगरी आगरा के बापू नगर इलाके में सिंचाई विभाग की कार्रवाई से सैकड़ों परिवारों की चिंता बढ़ गई है। विभाग ने यहां रहने वाले लोगों को मकान खाली करने के नोटिस दिए हैं। नोटिस मिलने के बाद इलाके में हड़कंप मचा हुआ है और 200 से ज्यादा परिवारों को अपना घर छोड़ने का डर सता रहा है।
विभाग का दावा- नहर की जमीन पर बने हैं मकान
सिंचाई विभाग के मुताबिक, यहां बने मकान उसकी संपत्ति पर हैं और नहर की जमीन पर कब्जा किया गया है। यही वजह है कि विभाग ने इन घरों को खाली करने के नोटिस जारी किए हैं। जानकारी के मुताबिक, लंबे समय से चुपचाप पड़े विभाग की कार्रवाई शुरू होने के बाद लोगों के सामने अपना आशियाना बचाने का संकट खड़ा हो गया है।
60 साल से रहने का दावा, धरने पर बैठीं महिलाएं
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई परिवार इन मकानों में करीब 60 साल से रह रहे हैं। उनके पास नगर निगम के हाउस टैक्स और बिजली कनेक्शन की रसीदें भी मौजूद हैं। नोटिस के विरोध में महिलाएं अपने घरों के बाहर धरने पर बैठ गई हैं। लोग सिंचाई विभाग और सरकार से गुहार लगा रहे हैं कि उनकी बात सुनी जाए और उन्हें राहत दी जाए।
लोगों को सबसे ज्यादा डर इस बात का है कि कहीं नोटिस के बाद बुलडोजर कार्रवाई शुरू न हो जाए। स्थानीय लोगों के मुताबिक, अगर ऐसी कार्रवाई हुई तो 200 से ज्यादा परिवारों के सामने बेघर होने का संकट खड़ा हो सकता है।
सपा प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकात
इस मामले में समाजवादी पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल भी बापू नगर पहुंचा और स्थानीय लोगों से मुलाकात की। सपा नेता सोमेश गुप्ता ने कहा कि पार्टी लोगों के साथ खड़ी है और उनकी लड़ाई लड़ेगी, अब सवाल यह है कि नोटिस देने के बाद सिंचाई विभाग आगे क्या कार्रवाई करता है और सरकार इन परिवारों की परेशानी को देखते हुए कोई रास्ता निकालती है या नहीं।







