अयोध्या: राम मंदिर में अब हर दिन का चढ़ावा होगा सार्वजनिक, ट्रस्ट ने बनाई योजना

राम मंदिर ट्रस्ट जल्द ही हर दिन का चढ़ावा और दर्शनार्थियों की संख्या अपनी वेबसाइट पर सार्वजनिक करेगा। महासचिव गोविंद देव गिरि ने अयोध्या दौरे में यह जानकारी दी। मकसद है कि मंदिर की आर्थिक गतिविधियों पर भक्तों का भरोसा बना रहे। चढ़ावा चोरी की घटना के बाद ट्रस्ट व्यवस्था में सुधार कर रहा है। भक्तों ने इस कदम को सराहा है।

हर दिन का हिसाब होगा सबके सामने

अयोध्या के राम मंदिर में अब चढ़ावे का लेखा-जोखा हर दिन जनता के सामने रखा जाएगा। ट्रस्ट के महासचिव गोविंद देव गिरि ने अयोध्या में बताया कि मंदिर में जो चढ़ावा आता है, उसकी गिनती और उससे जुड़े रिकॉर्ड को पहले से ज्यादा सुव्यवस्थित बनाया जा रहा है। योजना के मुताबिक, रोज कितनी रकम गिनी गई और उस दिन कितने लोग रामलला के दर्शन करने पहुंचे, यह सब वेबसाइट पर उपलब्ध कराया जाएगा।

भरोसा बनाए रखने पर जोर

इस पहल का मकसद साफ है, मंदिर से जुड़ी आर्थिक गतिविधियों पर श्रद्धालुओं का भरोसा बना रहे। जब चढ़ावे की रकम और दर्शनार्थियों के आंकड़े सबके सामने होंगे, तो मंदिर की व्यवस्था को लेकर लोगों के मन में कोई शंका नहीं रहेगी। दान को लेकर जो भ्रम या सवाल उठते हैं, वे भी कम होंगे।

चोरी की घटना के बाद तेज हुए बदलाव

राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद ट्रस्ट के काम करने के तरीके और सुरक्षा इंतजामों पर सवाल उठने लगे थे। इसके बाद ट्रस्ट ने वित्तीय व्यवस्था को मजबूत करने, गिनती की प्रक्रिया को सुरक्षित बनाने और निगरानी बढ़ाने पर जोर दिया। नई व्यवस्था में चढ़ावे की गिनती से लेकर रिकॉर्ड रखने तक सब कुछ पहले से बेहतर तरीके से संभाला जाएगा। माना जा रहा है कि मंदिर के पहले सीईओ के प्रशासनिक काम संभालने के बाद ये बदलाव और तेजी से होंगे।

भक्तों ने जताई खुशी

ट्रस्ट के इस कदम से अयोध्या पहुंचने वाले श्रद्धालु खुश हैं। उनका कहना है कि दान का हिसाब सबके सामने आने से लोगों का विश्वास और मजबूत होगा। भक्तों को यह भी पता चलेगा कि मंदिर में रोज कितना चढ़ावा आ रहा है। श्रद्धालुओं की राय है कि पारदर्शिता से ही भरोसा बनता है। रोजाना चढ़ावे और दर्शनार्थियों के आंकड़े सार्वजनिक होने से मंदिर की व्यवस्था पर लोगों का भरोसा बढ़ेगा। ट्रस्ट की यह योजना इसी दिशा में अहम कदम मानी जा रही है। आने वाले दिनों में सीईओ के नेतृत्व में प्रशासनिक और वित्तीय व्यवस्थाओं में बदलाव होने से राम मंदिर प्रबंधन का नया मॉडल भी सामने आ सकता है।

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  • इसरत फातिमा 7 वर्षों के अनुभव वाली एक पेशेवर पत्रकार और कंटेंट राइटर हैं। वह राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय समाचार, राजनीति, व्यवसाय, शेयर बाजार, क्रिप्टोकरेंसी, प्रौद्योगिकी, शिक्षा, स्वास्थ्य, मनोरंजन और सरकारी योजनाओं सहित विभिन्न विषयों पर शोध-आधारित लेख लिखती हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय जानकारी सरल भाषा में पहुँचाना है।

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