विपक्षी दलों ने आज संसद भवन के बाहर अयोध्या राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर केंद्र सरकार के खिलाफ अनोखे अंदाज में प्रदर्शन किया। इस दौरान साधु के वेश में बैठे सांसद पप्पू यादव का हाथ पकड़कर खींचने वाली महिला सांसद की पहचान सामने आ गई है।
साधु वेश में पप्पू यादव, राहुल गांधी ने चढ़ाया चढ़ावा
संसद के बाहर हुए इस विरोध प्रदर्शन में सांसद पप्पू यादव ने खुद को पुजारी के रूप में पेश किया और दानपात्र लेकर सांसदों से चढ़ावा लेने लगे, इसी दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी वहां पहुंचे और उन्होंने दानपात्र में सांकेतिक रूप से पैसा डाला
जब पप्पू यादव उस पैसे को अपनी जेब में रखने लगे तो पास में लाल टोपी लगाए बैठी महिला सांसद ने उनका विरोध किया। उन्होंने पप्पू यादव का हाथ पकड़ा, दानपात्र खींचा और आवाज उठाया। यह महिला सांसद कोई और नहीं बल्कि रुचि वीरा हैं, जो उत्तर प्रदेश की मुरादाबाद लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी (सपा) की सांसद हैं।
कौन हैं रुचि वीरा?
रुचि वीरा पहली बार 2024 के लोकसभा चुनाव में जीतकर संसद पहुंची हैं, हालांकि राजनीति से उनका नाता काफी पुराना है। अमरोहा के हसनपुर की रहने वाली रुचि वीरा सबसे पहले 2005-2007 में बिजनौर जिला पंचायत अध्यक्ष के पद पर रहीं, इसके बाद 2014 में उन्होंने बिजनौर सदर विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव में समाजवादी पार्टी की टिकट पर चुनाव लड़ा और जीतकर पहली बार विधायक बनीं। हालांकि 2017 के विधानसभा चुनाव में वह हार गईं।
इसके बाद उन्होंने बहुजन समाज पार्टी (बसपा) का दामन थामा और 2019 व 2022 में बीएसपी से चुनाव लड़ा, लेकिन सफलता नहीं मिली। अंततः 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले वह फिर समाजवादी पार्टी में लौट आईं और पार्टी ने उन्हें मुरादाबाद से तत्कालीन सांसद डॉ. एसटी हसन का टिकट काटकर उम्मीदवार बनाया। इस चुनाव में उन्होंने भाजपा के सर्वेश सिंह को लगभग 1.05 लाख वोटों से हरा दिया।
संसद में सक्रिय भूमिका
रुचि वीरा संसद में अपनी सक्रियता के लिए जानी जाती हैं। पीआरएस लेजिस्लेटिव रिसर्च के अनुसार, संसद में उनकी उपस्थिति अच्छी रही है और कई सत्रों में यह 100% दर्ज की गई है। वह अक्सर बड़े मुद्दों पर सवाल उठाती हैं और अपने क्षेत्र की प्रभावशाली नेताओं में गिनी जाती हैं, गौरतलब है कि नीट पेपर लीक मामले के बाद विपक्ष ने अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर संसद के बाहर यह प्रदर्शन किया, जिसमें विपक्षी सांसदों ने केंद्र सरकार का जमकर मजाक उड़ाया।







