राजस्थान के झालावाड़ जिले में पारिवारिक विवाद ने खूनी रूप ले लिया। सारोला थाना क्षेत्र के नूरजी गाडरवाड़ा गांव में भतीजे ने अपने चाचा पर धारदार हथियार से हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। इलाज के दौरान जिला अस्पताल में उनकी मौत हो गई। आरोपी भतीजा घटना के बाद फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है।
घरेलू कहासुनी बनी खूनी झगड़ा
राजस्थान के झालावाड़ जिले से एक दर्दनाक घटना सामने आई है। जिले के सारोला थाना क्षेत्र के नूरजी गाडरवाड़ा गांव में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली वारदात हुई है। यहां एक पारिवारिक विवाद इतना बढ़ गया कि भतीजे ने अपने ही चाचा पर धारदार हथियार से जानलेवा हमला कर दिया।
सारोला थाना पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, नूरजी गाडरवाड़ा गांव निवासी बुजुर्ग जगन्नाथ बैरवा का परिवार के कुछ सदस्यों के साथ किसी घरेलू मुद्दे को लेकर विवाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते परिवार के बीच बहस शुरू हुई। धीरे-धीरे कहासुनी इतनी बढ़ गई कि आरोपी भतीजे कुलदीप ने अपना संयम खो दिया और उसने अपने काका जगन्नाथ बैरवा पर धारदार हथियार से हमला कर दिया।
घायल अवस्था में अस्पताल पहुंचाया
इस हमले में जगन्नाथ बैरवा गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद आसपास के लोगों और परिजनों में अफरातफरी मच गई। परिवार के सदस्यों ने तुरंत उन्हें घायल अवस्था में उपचार के लिए झालावाड़ जिला अस्पताल पहुंचाया। जिला अस्पताल में चिकित्सकों ने जगन्नाथ बैरवा की गंभीर स्थिति को देखते हुए इलाज शुरू किया। हालांकि, इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। डॉक्टरों द्वारा उन्हें मृत घोषित करने के बाद परिजनों में कोहराम मच गया।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की
घटना की सूचना मिलने के बाद सारोला थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है। मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम की कार्रवाई के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। पुलिस ने परिजनों की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि घटना के पीछे पारिवारिक विवाद मुख्य कारण हो सकता है। फिलहाल सारोला थाना पुलिस आरोपी भतीजे कुलदीप की तलाश में जुटी हुई है। पुलिस का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों और पूरे घटनाक्रम के बारे में स्पष्टता आ सकेगी।

