रिलायंस जियो के चेयरमैन आकाश अंबानी ने भारत के लिए सस्ता और आसान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) प्लेटफॉर्म लाने का ऐलान किया है। कंपनी भारतीय भाषाओं में AI विकसित कर रही है, जो सीधे नेटवर्क में ही फिट होगा। ‘स्मार्ट कॉलिंग’ सिस्टम कॉल्स को ट्रांसक्राइब करेगा, समरी बनाएगा और मीटिंग शेड्यूल या फूड ऑर्डर जैसे काम खुद करेगा। कंपनी का लक्ष्य 2030 तक इस तकनीक को हर नागरिक की पहुंच में लाना है।
रिलायंस जियो (Reliance Jio) ने भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को आम जनता की पहुंच में लाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने की घोषणा की है। कंपनी के चेयरमैन आकाश अंबानी ने स्पष्ट किया है कि जियो अब विशेष रूप से भारतीय भाषाओं में AI तकनीक विकसित कर रहा है, ताकि देश का हर नागरिक, चाहे वह किसी भी स्तर का शिक्षित हो या किसी भी क्षेत्र में रहता हो, इसका लाभ उठा सके। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह “भारत के लिए AI” है, जो भारत द्वारा बनाया जा रहा है और भविष्य में वैश्विक स्तर पर भी सहायक होगा।
AI होगा नेटवर्क का हिस्सा, नहीं करना पड़ेगा कोई अलग ऐप डाउनलोड
इस महत्वाकांक्षी योजना की सबसे खास बात यह है कि जियो AI को किसी अलग एप्लिकेशन या सेवा के रूप में नहीं, बल्कि अपने मौजूदा कोर नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर का ही एक अभिन्न हिस्सा बना रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इसका मतलब यह होगा कि ग्राहकों को AI सुविधाओं का उपयोग करने के लिए किसी महंगे स्मार्टफोन या अलग से कुछ डाउनलोड करने की आवश्यकता नहीं होगी; नेटवर्क स्वयं ही उन्हें स्मार्ट सेवाएं प्रदान करेगा। कंपनी का दावा है कि इस तकनीक को इतना सस्ता और सुलभ बनाया जाएगा कि 2030 तक यह हर भारतीय के बजट में फिट हो जाएगा।
कैसे काम करेगा जियो का ‘स्मार्ट कॉलिंग सिस्टम’?
आकाश अंबानी ने एक ‘स्मार्ट कॉलिंग’ सिस्टम का उदाहरण देते हुए AI की क्षमताओं को समझाया। यह सिस्टम आपके फोन कॉल के दौरान एक पर्सनल असिस्टेंट (PA) की तरह काम करेगा:
• कॉल ट्रांसक्रिप्शन: यह आपकी बातचीत को लाइव सुनकर उसे टेक्स्ट में बदल सकता है।
• कई आवाजों की पहचान: ग्रुप कॉल में यह पहचान सकता है कि कौन सा वाक्य किस व्यक्ति ने बोला है।
• समरी बनाना: लंबी बातचीत का संक्षिप्त सारांश (निचोड़) तैयार कर सकता है।
• काम पूरा करना: सबसे अहम फीचर यह है कि अगर आप कॉल पर कहते हैं, “कल दोपहर 2 बजे मीटिंग रखें” या “आज शाम पिज्जा ऑर्डर करें,” तो AI आपके कहे अनुसार कैलेंडर में मीटिंग शेड्यूल कर सकता है या खाना ऑर्डर कर सकता है।
देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी का विजन
रिपोर्ट के अनुसार, जियो के नेटवर्क पर प्रतिदिन लगभग 20 अरब मिनट की वॉयस कॉलिंग होती है, जो इसे विश्व की अग्रणी टेलीकॉम कंपनियों में स्थापित करता है। आकाश अंबानी ने इसी नेटवर्क स्केल को ‘असली भारत’ का केंद्र बताते हुए कहा कि कंपनी अब इसी विशाल प्लेटफॉर्म का उपयोग AI को जन-जन तक पहुंचाने के लिए करेगी। इस पहल से किसानों, छोटे दुकानदारों और छात्रों के जीवन में महत्वपूर्ण बदलाव आने की संभावना है।
जियो का यह कदम भारत में AI तकनीक को लोकतांत्रिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। भाषा की बाधा को दूर करने और तकनीक को नेटवर्क में ही एकीकृत करने की योजना इसे और अधिक सुलभ बनाती है। हालांकि, यह ध्यान देने योग्य है कि रिपोर्ट के अनुसार, नेटवर्क18 और टीवी18 का संचालन करने वाली कंपनियों पर इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट का नियंत्रण है, जिसमें रिलायंस इंडस्ट्रीज एकमात्र लाभार्थी है। प्रस्तावित सेवाओं के वास्तविक प्रदर्शन और उपयोगकर्ता अनुभव के बारे में अधिक जानकारी समय आने पर ही स्पष्ट हो पाएगी।
