भोपाल जल संकट: कोलार पाइपलाइन मरम्मत में देरी, 37% इलाके प्रभावित

भोपाल। राजधानी भोपाल में पेयजल आपूर्ति की मुख्य धमनी कोलार ग्रेविटी मेन पाइपलाइन की मरम्मत का कार्य निर्धारित समय से अधिक लम्बा होने के चलते शहर के बड़े हिस्से में पानी का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। भोपाल नगर निगम (बीएमसी) द्वारा मंगलवार सुबह बंद की गई यह लाइन अब तक चालू नहीं हो पाई है, जिससे लाखों नागरिक तीसरे दिन भी जल संकट से जूझ रहे हैं।

भोपाल जल संकट: कोलार पाइपलाइन मरम्मत में देरी, 37% इलाके प्रभावित
“प्रतिनिधिक तस्वीर”

पाइपलाइन की मरम्मत में तकनीकी बाधाएं

भोपाल नगर निगम ने मंगलवार, 1 जून को सुबह 10 बजे कोलार ग्रेविटी मेन पाइपलाइन की आपातकालीन मरम्मत के लिए जलापूर्ति बंद करने का निर्णय लिया था। प्रशासन ने शुरू में इस कार्य को 36 घंटे के भीतर पूरा करने का अनुमान जताया था, लेकिन मरम्मत की जटिलता और तकनीकी पेंचों के कारण यह समय सीमा लांघ गई है। नगर निगम के सिटी इंजीनियर उदित गर्ग के अनुसार, विशेष टीमें चौबीसों घंटे इस पाइपलाइन को ठीक करने में जुटी हैं। हालांकि, एक बड़ी चुनौती यह है कि मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद भी पानी को फिल्टरेशन प्लांट तक पहुंचने में न्यूनतम 8 से 10 घंटे का अतिरिक्त समय लगेगा। ऐसे में प्रभावित क्षेत्रों में जलापूर्ति पूरी तरह सामान्य होने में शुक्रवार देर शाम तक का समय लग सकता है।

शहर के प्रमुख इलाके रहे प्रभावित

यह पाइपलाइन भोपाल शहर की कुल दैनिक पानी की आवश्यकता का लगभग 37 प्रतिशत हिस्सा पूरा करती है। साल 2021 में 40 वर्ष पुरानी जर्जर लाइन को हटाकर स्थापित की गई यह नई लाइन नए एवं पुराने भोपाल के जल संकट की रीढ़ मानी जाती है। इसके ठप होने से शाहजहांनाबाद, निशातपुरा, हमीदिया रोड, मोती मस्जिद, शाहपुरा, त्रिलंगा, अरेरा कॉलोनी, तुलसी नगर, शिवाजी नगर, चार इमली, चूना भट्टी, कोटरा सुल्तानाबाद, एमपी नगर और गुलमोहर कॉलोनी जैसे प्रमुख आवासीय एवं वीआईपी क्षेत्रों में जल संकट गहरा गया है।

टैंकर सेवा जारी, कम दबाव बनी चुनौती

प्रशासन का दावा है कि सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में पानी के टैंकर भेजे जा रहे हैं। नगर निगम के अनुसार, अस्थायी राहत के लिए यह व्यवस्था की गई है। हालांकि, जमीनी हालात अलग हैं। कई मोहल्लों में पानी का दबाव अत्यंत कम होने और लाइनों में रिसाव के कारण लोगों को आपूर्ति ठीक से नहीं मिल पा रही है। निवासी घरों में संग्रहित पानी को बचत के साथ उपयोग करने तथा टैंकरों पर निर्भर रहने को विवश हैं। नगर निगम प्रशासन ने स्थिति पर नियंत्रण पाने के प्रयास जारी रखे हैं, लेकिन अभी पूरी तरह बहाली में और समय लगने की संभावना है।

Author