मुजफ्फरपुर। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में साइबर अपराधियों ने कॉल फॉरवर्डिंग तकनीक का इस्तेमाल कर एक युवक के बैंक खाते और क्रेडिट कार्ड से 3.89 लाख रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित रोहित राही ने बिना कोई ओटीपी शेयर किए और बिना किसी लिंक पर क्लिक किए यह फ्रॉड हो गया। पूरी वारदात महज 35 मिनट में अंजाम दी गई।
पीड़ित रोहित राही के अनुसार, उनके मोबाइल नंबर पर अचानक 400 से अधिक ओटीपी संदेश आने लगे। संदिग्ध गतिविधि भांपते हुए उन्होंने सभी संदेश बिना पढ़े डिलीट कर दिए और किसी भी लिंक पर क्लिक नहीं किया। इसके बावजूद सुबह 11:10 से 11:45 बजे के बीच उनके खातों से पैसे निकलने शुरू हो गए। जांच में पता चला कि अपराधियों ने पीड़ित के नंबर की कॉल फॉरवर्डिंग एक अज्ञात मोबाइल नंबर पर सक्रिय कर दी थी। इस तकनीक से उन्होंने वित्तीय खातों तक पहुंच बना ली।
किन-किन खातों से हुई चोरी?
साइबर अपराधियों ने पीड़ित के स्विगी इंस्टामार्ट और जोमैटो खातों के जरिए निम्नलिखित खातों में सेंध लगाई, कार्ड से निकाली गई राशि, इंडियन ओवरसीज बैंक खाता 1.70 लाख रुपये, यस बैंक क्रेडिट कार्ड 1.31 लाख रुपये, एक्सिस बैंक क्रेडिट कार्ड 88 हजार रुपये, कुल 3.89 लाख रुपये। आईडीएफसी बैंक ने संदिग्ध ट्रांजैक्शन देखकर तुरंत 60 हजार रुपये का लेन-देन ब्लॉक कर दिया, जिससे पीड़ित का यह पैसा बच गया।
पीड़ित को क्या अनुभव हुआ?
पूरी घटना के दौरान रोहित के मोबाइल पर न तो कोई ओटीपी आया और न ही कोई वेरिफिकेशन कॉल। उन्हें सीधे पैसे कटने के डेबिट अलर्ट मैसेज मिले।
पुलिस की कार्रवाई
पीड़ित ने मुजफ्फरपुर साइबर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर पीड़ित के सभी बैंक खातों और क्रेडिट कार्डों को ब्लॉक करवा दिया है। साथ ही राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन और साइबर क्राइम पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई गई है। साइबर थाना पुलिस ने सब-इंस्पेक्टर देवेंद्र कुमार को इस मामले की जांच की जिम्मेदारी सौंपी है।
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