कछुआ तस्करी मामला: भोपाल कोर्ट ने आरोपी दीपक पारखे की जमानत याचिका की खारिज
मध्य प्रदेश में ट्रेन के एसी कोच से 311 दुर्लभ कछुओं की तस्करी के मामले में भोपाल की जिला एवं सत्र न्यायालय ने आरोपी दीपक पारखे की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। आरोपी इंदौर का निवासी है और करीब दो माह से भोपाल केंद्रीय जेल में बंद है।
"प्रतीकात्मक फोटो:वन्यजीव तस्करी के इस संगठित मामले में अदालत ने अभियोजन पक्ष की दलीलों को गंभीरता से लेते हुए आरोपी को राहत देने से इनकार कर दिया। राज्य टाइगर स्ट्राइक फोर्स (एसटीएसएफ) द्वारा की गई विस्तृत जांच के आधार पर कोर्ट ने यह माना कि यह मामला गंभीर है और इस स्तर पर जमानत देने से जांच प्रभावित हो सकती है।
तीन फरवरी को पटना-इंदौर एक्सप्रेस में हुई थी कार्रवाई
यह पूरा प्रकरण 3 फरवरी 2026 का है। इस दिन एसटीएसएफ, रेलवे सुरक्षा बल और वन मंडल भोपाल ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए पटना-इंदौर एक्सप्रेस के प्रथम श्रेणी कोच से 311 जीवित दुर्लभ और प्रतिबंधित प्रजाति के कछुए बरामद किए थे। यह कार्रवाई संत हिरदाराम नगर स्टेशन पर की गई थी। इस दौरान ट्रेन के कोच में अटेंडेंट के रूप में कार्यरत अजय सिंह राजपूत को गिरफ्तार किया गया था।
प्रदेश के आठ शहरों और लखनऊ में हुई छापेमारी
गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ और वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के बाद जांच एजेंसियों ने प्रदेश के नीमच, मंदसौर, रतलाम, इंदौर, देवास, उज्जैन, नागदा और शाजापुर के अलावा उत्तर प्रदेश के लखनऊ में भी छापेमारी की। इस अभियान में कछुओं के अवैध व्यापार में संलिप्त एक बड़े संगठित गिरोह का खुलासा हुआ। अब तक मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों से कुल आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच एजेंसियों के अनुसार यह गिरोह लंबे समय से रेल नेटवर्क के जरिए वन्यजीवों की तस्करी कर रहा था। मामले की विवेचना अभी जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
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