मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने भाजपा विधायक संजय पाठक को आपराधिक अवमानना मामले में तलब किया
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने भाजपा विधायक संजय पाठक को आपराधिक अवमानना के मामले में पेश होने का आदेश दिया है। विधायक की ओर से हलफनामा पेश कर बिना शर्त माफी मांगी गई है। यह मामला न्यायाधीश को फोन करने के प्रयास से जुड़ा है।
जबलपुर स्थित मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की युगलपीठ ने सोमवार को इस मामले की सुनवाई की। मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा और न्यायाधीश विनय सराफ की पीठ ने विधायक संजय पाठक को कोर्ट में हाजिर होने का निर्देश दिया है। गौरतलब है कि 2 अप्रैल को पीठ ने विधायक के खिलाफ आपराधिक अवमानना का मामला दर्ज करने के आदेश जारी किए थे।
"विधायक संजय पाठक :
न्यायाधीश ने फोन के प्रयास के बाद सुनवाई से किया था इनकार
यह पूरा प्रकरण कटनी निवासी आशुतोष दीक्षित की याचिका से जुड़ा है। याचिका में कहा गया था कि विधायक संजय पाठक से संबंधित कंपनी के खिलाफ अवैध उत्खनन के मामले में हाईकोर्ट के न्यायाधीश विशाल मिश्रा ने 1 सितंबर 2025 को सुनवाई से इनकार कर दिया था। न्यायाधीश ने अपने आदेश में कहा था कि विधायक ने उनसे फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया, जिसके कारण वह निष्पक्षता बनाए रखने के लिए मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर रहे हैं। न्यायाधीश विशाल मिश्रा ने इस पूरे प्रकरण को प्रशासनिक स्तर पर मुख्य न्यायाधीश के समक्ष भेजने का निर्देश भी दिया था।
विधायक ने वकील के माध्यम से मांगी माफी
सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान विधायक संजय पाठक की ओर से पूर्व अटॉर्नी जनरल और वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी पेश हुए। उन्होंने विधायक की ओर से हलफनामा पेश करते हुए बिना शर्त माफी मांगी। अधिवक्ता ने कहा कि विधायक ने फोन पर संपर्क करने के प्रयास में सिर्फ अपना नाम बताया था और गलती का एहसास होने पर फोन काट दिया था। कोर्ट ने विधायक को तलब करते हुए अगली सुनवाई की तारीख तय कर दी है। हालांकि रिपोर्ट में इस बात का उल्लेख नहीं है कि विधायक को किस तारीख को पेश होना है।
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