सागर की महिला की एंजियोप्लास्टी के दौरान मौत, परिजनों ने डॉक्टर पर लगाए गंभीर आरोप
मध्य प्रदेश के भोपाल में एक निजी अस्पताल में हुई एंजियोप्लास्टी के दौरान सागर जिले की एक महिला की मौत हो गई। मृतका के बेटे ने आरोप लगाया है कि डॉक्टर ने एक ब्लॉकेज के लिए तीन स्टंट लगा दिए और इलाज के दौरान लापरवाही बरती।
परिवार ने इन बिंदुओं पर उठाए सवाल
परिजनों के अनुसार, ज्योति जैन 20 अप्रैल को सामान्य जांच और एंजियोग्राफी के लिए अस्पताल गई थीं, जहां उनकी स्थिति स्थिर थी। शिकायत में बताया गया है कि एंजियोग्राफी के बाद डॉ. मोहित जैन ने हृदय की नस में गंभीर ब्लॉकेज बताकर तत्काल एंजियोप्लास्टी का दबाव बनाया। परिवार का आरोप है कि उन्हें हैदराबाद जैसे शहर में इलाज का विकल्प नहीं दिया गया। प्रक्रिया के दौरान मरीज की स्थिति अचानक बिगड़ गई। परिजनों ने ऑपरेशन थिएटर के अंदर से चीखने की आवाज सुनी, जिसके बाद अस्पताल स्टाफ में अफरा-तफरी मच गई। करीब दो घंटे तक परिवार को कोई जानकारी नहीं दी गई। बाद में डॉक्टरों ने बताया कि नस में गंभीर क्षति होने के कारण एक के बजाय तीन स्टंट लगाने पड़े। परिजनों का यह भी आरोप है कि मरीज को सीपीआर दिया गया, लेकिन इसकी सूचना उन्हें समय पर नहीं दी गई।
ऑपरेशन के बाद भी नहीं सुधरी हालत
शिकायट के मुताबिक, एंजियोप्लास्टी के बाद भी ज्योति जैन लगातार दर्द, उल्टी और बेचैनी से जूझती रहीं। परिजनों के बार-बार अनुरोध के बावजूद न तो उन्हें किसी बड़े अस्पताल में रेफर किया गया और न ही स्थिति की गंभीरता बताई गई। डॉ. मोहित जैन लगातार स्थिति को सामान्य बताते रहे।
परिजनों ने डॉक्टर का लाइसेंस निरस्त करने की मांग की
जतिन जैन ने अपनी शिकायत में स्वतंत्र मेडिकल बोर्ड गठित करने, सभी चिकित्सा दस्तावेजों की जांच कराने और दोषी पाए जाने पर डॉ. मोहित जैन का लाइसेंस निरस्त करने तथा सख्त कार्रवाई की मांग की है। मामले में अस्पताल प्रबंधन से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी।
नोट: एंजियोप्लास्टी एक न्यूनतम चीर-फाड़ वाली प्रक्रिया है, जिसमें हृदय की ब्लॉक धमनियों को खोलने के लिए गुब्बारे और स्टंट का उपयोग किया जाता है। यह मुख्य रूप से हार्ट अटैक या गंभीर सीने के दर्द के इलाज के लिए की जाती है।
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