मंगलवार, 24 मार्च 2026

मध्यप्रदेश में LPG सिलेंडर वितरण के नए नियम जारी | शिक्षा-चिकित्सा को 30% कोटा, घरेलू सप्लाई जारी

मध्यप्रदेश सरकार ने रसोई गैस सिलेंडरों के वितरण को लेकर नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के अपर सचिव बीके चंदेल ने सभी कलेक्टरों को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। राज्य सरकार ने वाणिज्यिक सिलेंडरों के वितरण के लिए अलग-अलग क्षेत्रों का कोटा तय किया है।

मध्यप्रदेश में LPG सिलेंडर वितरण के नए नियम जारी

घरेलू उपभोक्ताओं को पूर्ववत मिलेगी सप्लाई

सरकार द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, घरेलू उपभोक्ताओं को पहले की तरह शत-प्रतिशत आपूर्ति जारी रहेगी। वहीं, जिले में उपलब्ध कुल वाणिज्यिक गैस स्टॉक का 30 प्रतिशत शिक्षा और चिकित्सा क्षेत्रों के लिए आरक्षित किया गया है। सरकार का मानना है कि इससे दोनों क्षेत्रों की आवश्यकताओं को पूरा किया जा सकेगा। इससे पहले विभागीय मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और अपर मुख्य सचिव रश्मि अरुण शमी ने गैस और पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति की समीक्षा की थी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जमाखोरी या कालाबाजारी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

विभिन्न क्षेत्रों के लिए तय किया गया कोटा

सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों के लिए सिलेंडरों का कोटा निम्नानुसार तय किया है, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल, सुरक्षा एजेंसियां, पुलिस, हवाई अड्डे, रेलवे, दीनदयाल रसोई, जेल, समाज कल्याण विभाग, महिला एवं बाल विकास: 35 प्रतिशत, होटल क्षेत्र: 9 प्रतिशत, रेस्तरां और, केटरिंग: 9 प्रतिशत, ढाबा और स्ट्रीट फूड विक्रेता: 7 प्रतिशत, उद्योग क्षेत्र (फार्मास्युटिकल, फूड प्रोसेसिंग, पोल्ट्री फीड, सीड प्रोसेसिंग): 5 प्रतिशत, अन्य उद्योग: समान मात्रा में

जांच और अनुपालन की व्यवस्था

जिला प्रशासन द्वारा जमाखोरी, अवैध भंडारण और कालाबाजारी रोकने के लिए नियमित जांच की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम और अन्य संबंधित कानूनों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। राज्य सरकार ने संस्थानों और प्रतिष्ठानों को गैस की उपलब्धता में संतुलन बनाए रखने के लिए अस्थायी रूप से वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को अपनाने के लिए भी प्रोत्साहित किया है। यह नई व्यवस्था अगले आदेश तक प्रभावी रहेगी।

राजधानी में वाणिज्यिक सिलेंडर की किल्लत जारी

गौरतलब है कि राजधानी भोपाल में अभी भी वाणिज्यिक गैस सिलेंडरों की कमी बनी हुई है। दो सप्ताह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी आपूर्ति व्यवस्था सामान्य नहीं हो सकी है। इसका सीधा असर होटल, रेस्तरां और छोटे ढाबा संचालकों पर पड़ रहा है। व्यवसाय प्रभावित होने से कारोबारियों में नाराजगी देखी जा रही है।

नोट: यह खबर उपलब्ध जानकारी और विभिन्न मीडिया स्रोतों पर आधारित है। समाचार लिखे जाने के समय तक प्राप्त तथ्यों के अनुसार प्रस्तुत किया गया है। स्थिति में बदलाव संभव है और आधिकारिक पुष्टि के बाद अपडेट किया जा सकता है। 

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