मंगलवार, 31 मार्च 2026

बिहार: नालंदा के शीतला माता मंदिर में भगदड़, नौ महिलाओं की मौत, सरकार ने छह लाख मुआवजे की घोषणा की

नालंदा। बिहार के नालंदा जिले के शीतला माता मंदिर में मंगलवार सुबह हुई भगदड़ में नौ महिलाओं की मौत हो गई। दर्शन के लिए उमड़ी भारी भीड़ के कारण यह हादसा हुआ। राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को छह लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है।

प्रशासन ने घटना के बाद मंदिर को बंद कर दिया है। स्थानीय लोगों ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए उचित सुरक्षा व्यवस्था न होने की बात कही है। मृतकों में सभी महिलाएं बताई गई हैं। पुलिस छह शवों की पहचान कर चुकी है, जबकि तीन अन्य की पहचान की जा रही है।

बिहार: नालंदा के शीतला माता मंदिर में भगदड़

पीएम मोदी और राष्ट्रपति ने जताया शोक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना पर दुख जताया और प्रधानमंत्री राहत कोष से मृतकों के परिजनों को दो लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी इस घटना को अत्यंत हृदयविदारक बताते हुए शोक व्यक्त किया। राष्ट्रपति मुर्मू मंगलवार को ही राजगीर में नालंदा विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल होने के लिए बिहार दौरे पर हैं।

प्रशासनिक कार्रवाई और जांच के आदेश

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घटना पर शोक व्यक्त करते हुए पीड़ितों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया। राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को चार लाख रुपये राज्य आपदा प्रबंधन विभाग और दो लाख रुपये मुख्यमंत्री राहत कोष से देने की घोषणा की है। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत को घटना की जांच करने और सरकार को रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। नालंदा के जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने जानकारी दी कि मृतकों की संख्या नौ हो गई है। वहीं, नालंदा के पुलिस अधीक्षक भरत सोनी ने दीप नगर थानाध्यक्ष रजमनी को घटना के मद्देनजर निलंबित कर दिया है। जिला प्रशासन ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन भी किया है।

भीड़ नियंत्रण को लेकर उठे सवाल

हर मंगलवार को नालंदा और आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शीतला माता मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए उचित सुरक्षा इंतजाम नहीं थे। विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने घटना पर शोक जताते हुए राज्य सरकार से उच्च स्तरीय जांच की मांग की है और घायलों के उपचार की व्यवस्था करने को कहा है। प्रशासन ने घटनास्थल पर राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद हैं।

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