जानकारी के अनुसार, कोलार रोड निवासी कारोबारी और समाजसेवी गौरव जैन को करीब चार दिन पहले एक व्हाट्सएप कॉल आया था। कॉल करने वाले ने खुद को लॉरेंस गैंग का सदस्य 'हैरी बॉक्सर' बताते हुए 10 करोड़ रुपये की रंगदारी की मांग की। शुरुआत में कारोबारी ने इसे मजाक या फर्जी कॉल समझकर गंभीरता से नहीं लिया।
हालांकि, 20 मार्च को उसी नंबर से दोबारा कॉल आने पर मामले ने गंभीर रूप ले लिया। इस बार आरोपी ने पैसे की मांग को दोहराते हुए स्पष्ट रूप से कहा कि यदि राशि नहीं दी गई तो उनकी हत्या कर दी जाएगी। धमकी के बाद कारोबारी ने तुरंत कोलार थाने में शिकायत दर्ज कराई और अपनी तथा परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई।
पुलिस ने दर्ज की एफआईआर, जांच शुरू
कोलार थाना प्रभारी संजय सोनी ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पीड़ित की शिकायत पर प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू कर दी है और फोन नंबर सहित अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच की जा रही है। अधिकारी ने बताया कि जल्द ही आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
प्रदेश में बढ़ रही लॉरेंस गैंग की सक्रियता
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब पिछले कुछ महीनों में मध्य प्रदेश के विभिन्न शहरों में लॉरेंस बिश्नोई गिरोह की सक्रियता बढ़ी है। इससे पहले इंदौर में एक कारोबारी से 15 करोड़ रुपये की फिरौती मांगे जाने का मामला सामने आया था। वहीं, खरगोन में 15 लाख रुपये की रंगदारी न देने पर एक कारोबारी के घर पर फायरिंग की गई थी। अशोक नगर में पुलिस ने इसी गिरोह से जुड़े एक आरोपी को गिरफ्तार भी किया था। लगातार हो रही इन घटनाओं ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था और संगठित अपराध के बढ़ते प्रभाव को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।
नोट: यह खबर उपलब्ध जानकारी और विभिन्न मीडिया स्रोतों पर आधारित है। समाचार लिखे जाने के समय तक प्राप्त तथ्यों के अनुसार प्रस्तुत किया गया है। स्थिति में बदलाव संभव है और आधिकारिक पुष्टि के बाद अपडेट किया जा सकता है।
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