भोपाल मेट्रो प्रोजेक्ट में ताजा अपडेट आया है – दो नई मेट्रो ट्रेनें सुभाष नगर डिपो में पहुंच गई हैं, जिससे कुल ट्रेनों की संख्या अब 10 हो गई है। साल 2023 में पहले ही 8 ट्रेनें आ चुकी थीं। अभी सिर्फ दो ट्रेनें ट्रैक पर चल रही हैं, जबकि बाकी छह डिपो में खड़ी हैं। इन्हें संचालन में लाने से पहले पूरी तकनीकी जांच और टेस्टिंग होती है, इसलिए धीरे-धीरे सभी को रूट पर उतारा जाएगा।
ये ट्रेनें गुजरात के वड़ोदरा प्लांट में बन रही हैं। कुल 27 ट्रेनों का ऑर्डर है, जिसमें से 10 अब तक भोपाल पहुंच चुकी हैं और बाकी 17 आने वाली हैं। डिपो में पर्याप्त जगह है, इसलिए भविष्य में कोई दिक्कत नहीं होगी। हर ट्रेन तीन कोच वाली सेट है – प्रत्येक कोच करीब 22 मीटर लंबा, 2.9 मीटर चौड़ा और 42 टन वजनी है। ये पूरी तरह ड्राइवरलेस हैं और ऑटोमेटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम से चलती हैं। यात्री बढ़ने पर इन्हें छह कोच तक बढ़ाया जा सकता है।
प्रोजेक्ट में ऑरेंज लाइन (लाइन 2) का पूरा कमर्शियल संचालन और ब्लू लाइन (लाइन 5) को जून 2028 तक शुरू करने का लक्ष्य है। इनके शुरू होने से शहर के ज्यादा इलाकों में कनेक्टिविटी बेहतर होगी और बड़ी संख्या में लोग लाभान्वित होंगे। हालांकि, मेट्रो को कम आय की वजह से आर्थिक चुनौतियां हैं, इसलिए प्रबंधन पहले चरण के विस्तार (खासकर ऑरेंज लाइन के दूसरे हिस्से) पर फोकस कर रहा है ताकि डिपो में पड़ी ट्रेनों का इस्तेमाल हो सके और ब्लू लाइन का काम भी तेज हो।
नोट: यह खबर उपलब्ध जानकारी और विभिन्न मीडिया स्रोतों पर आधारित है। समाचार लिखे जाने के समय तक प्राप्त तथ्यों के अनुसार प्रस्तुत किया गया है। स्थिति में बदलाव संभव है और आधिकारिक पुष्टि के बाद अपडेट किया जा सकता है।
भोपाल vs इंदौर: सरकारी नौकरी की चाहत या प्राइवेट जॉब्स की दौड़? युवाओं का बड़ा फर्क!
ताज़ा खबरों के लिए हमारा Telegram चैनल जरूर जॉइन करें

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें