वेनेजुएला से लौटे नाविक के शव से 21 अंग गायब, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हड़कंप

उत्तर प्रदेश के देवरिया में मर्चेंट नेवी के कर्मी राकेश चौहान का वेनेजुएला से लौटा शव संदिग्ध हालत में मिला। परिजनों के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनके शरीर के मस्तिष्क, हृदय, फेफड़े, किडनी सहित 21 अंग गायब पाए गए। परिवार ने अंग तस्करी का आरोप लगाते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।

मर्चेंट नेवी के कर्मी की वेनेजुएला में मौत, शव एक महीने बाद गांव पहुंचा

उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां के लगड़ा बाजार टोला (भगवानपुर) निवासी 33 वर्षीय मर्चेंट नेवी कर्मी राकेश चौहान की पिछले साल से वेनेजुएला में तैनात जहाज पर काम करते थे, जिनकी मौत 1 महीना पहले संदिग्ध परिस्थितियों में हो गई थी। मौत के करीब एक महीने बाद 4 जून को कड़ी मशक्कत के बाद उनका शव पैतृक गांव पहुंचा। राकेश परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे। उनकी शादी वर्ष 2023 में हुई थी और एक 6 महीने का बच्चा भी है।

परिजनों ने उठाए गंभीर आरोप, पोस्टमार्टम में मिले 21 अंग गायब

जब शव परिजनों के सुपुर्द किया गया तो उन्होंने देखा कि शव के साथ छेड़छाड़ की गई थी। पीड़ित परिवार का आरोप है कि कंपनी ने पहले राकेश की हत्या की और फिर उनके शरीर के महत्वपूर्ण अंगों की तस्करी कर ली। स्थानीय डॉक्टरों की टीम ने पुलिस की मौजूदगी में शव को देखकर पोस्टमार्टम करने से मना कर दिया, क्योंकि शव का पोस्टमार्टम पहले ही किया जा चुका था। बाद में जिला मजिस्ट्रेट के विशेष आदेश पर जब दोबारा पोस्टमार्टम किया गया, तो रिपोर्ट ने सबको चौंका दिया।

‘फेडरेशन ऑफ सीफेयरर्स यूनियंस ऑफ इंडिया’ (FSUI) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर बताया कि भारत में हुई आधिकारिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि शरीर में एक भी अंग नहीं मिला। रिपोर्ट के अनुसार, राकेश के शरीर से मस्तिष्क, हृदय, दोनों फेफड़े, लिवर, किडनी, स्प्लीन, पैंक्रियास, पेट, इंटेस्टाइन, थायरॉइड, हायोइड, लैरिंक्स और ट्रैकिया सहित कुल 21 अंग गायब थे।

शरीर पर पहले से बड़ी संख्या में टांके लगे हुए थे – गर्दन से प्यूबिक सिम्फिसिस तक 22 और कान से कान तक 21 टांके। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि मौत से पहले शरीर पर कोई चोट नहीं मिली और शव को लगभग एक महीने तक डीप फ्रीज में रखा गया था।

FSUI और परिवार ने की उच्च स्तरीय जांच की मांग

FSUI ने इस घटना को नाविकों के साथ होने वाला गंभीर अन्याय बताते हुए उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है। संघ ने कहा कि नाविकों को इस तरह बलि का बकरा नहीं बनाया जाना चाहिए। पीड़ित परिवार ने शिपिंग कंपनी पर मानव अंग तस्करी का गंभीर आरोप लगाते हुए जिला प्रशासन, भारतीय दूतावास, प्रदेश सरकार और दिल्ली प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। परिवार का कहना है कि पहले हत्या की गई और फिर अंग निकाल लिए गए।

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