ट्रंप का बयान: चीनी कंपनियां अमेरिका में बनाएं कारें, सीधे आयात की नहीं देंगे इजाजत

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वे चीन में बनी कारों के सीधे आयात की अनुमति नहीं देंगे। हालांकि, अगर चीनी कंपनियां अमेरिका में प्लांट लगाकर कारें बनाती हैं, तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं होगी। ट्रंप के इस बयान को टेस्ला के लिए चुनौती माना जा रहा है, क्योंकि चीन की BYD और Geely जैसी कंपनियां वैश्विक बाजार में तेजी से आगे बढ़ रही हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐसा बयान दिया है, जो टेस्ला के मालिक एलन मस्क के लिए चिंता का विषय बन सकता है। अमेरिकी इलेक्ट्रिक कार बाजार में टेस्ला का दबदबा है और अमेरिका ने चीनी इलेक्ट्रिक कारों पर रोक लगा रखी है।

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की अमेरिका यात्रा से ठीक पहले ट्रंप ने कहा है कि वे चीनी ऑटोमोबाइल कंपनियों को अमेरिकी धरती पर गाड़ियां बनाने की इजाजत दे सकते हैं। फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा, चीन को आने दीजिए, बशर्ते वे हमारे लोगों को रोजगार दें।

आयात पर साफ इनकार

फॉक्स न्यूज को दिये इंटरव्यू के अनुसार, ट्रंप ने स्पष्ट किया कि चीनी कारों को अमेरिका में आयात करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर चीनी कारों के आयात पर रोक न लगाई जाती, तो अमेरिकी ऑटोमोबाइल बाजार चीनी वाहनों से भर जाता।

जापान का दिया उदाहरण

ट्रंप ने कहा कि अगर चीन अमेरिका में आकर कार निर्माण के लिए प्लांट खोलना चाहता है, तो उन्हें इससे कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने जापान का उदाहरण देते हुए कहा कि जापानी कंपनियां भी अमेरिका में कारें बनाती हैं और वहां के लोगों को रोजगार देती हैं, ट्रंप ने कहा, मैं नहीं चाहता कि वे मैक्सिको में निर्माण करें और फिर सस्ते में कारें बनाकर उन्हें सीमा पार भेजें। ऐसा नहीं होने वाला है।

पहले भी दे चुके हैं ऐसा संकेत

ट्रंप का यह बयान अचानक नहीं आया है। इससे पहले डेट्रॉयट इकोनॉमिक क्लब में भी उन्होंने “चीन को आने दीजिए” का नारा दिया था, इसके अलावा, इस साल की शुरुआत में फोर्ड मोटर के सीईओ जिम फार्ले और ट्रंप प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों के बीच इस बात पर अनौपचारिक चर्चा हो चुकी है कि अमेरिकी ऑटो उद्योग को सुरक्षा देते हुए चीनी कंपनियों को मैन्युफैक्चरिंग की इजाजत कैसे दी जाए।

जिनपिंग से होने वाली शिखर वार्ता से पहले ट्रंप का यह बयान संकेत देता है कि व्हाइट हाउस चीनी कंपनियों को पूरी तरह बाहर रखने के बजाय स्थानीय रोजगार और निवेश की शर्त पर एंट्री देने पर विचार कर रहा है।

टेस्ला के लिए चुनौती क्यों

फिलहाल टेस्ला अमेरिका की सबसे बड़ी इलेक्ट्रिक कार निर्माता कंपनी है, जहां Model Y और Model 3 सबसे ज्यादा बिकने वाली कारों में शामिल हैं, दूसरी ओर, चीन की BYD और Geely जैसी कंपनियां आधुनिक तकनीक और कम कीमतों के दम पर दुनिया भर में टेस्ला का मार्केट शेयर कम कर रही हैं। चीन के घरेलू बाजार में BYD पहले ही टेस्ला से आगे निकल चुकी है और यूरोप के कई देशों में भी टेस्ला के लिए चुनौती बनी हुई है।

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  • इसरत फातिमा 7 वर्षों के अनुभव वाली एक पेशेवर पत्रकार और कंटेंट राइटर हैं। वह राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय समाचार, राजनीति, व्यवसाय, शेयर बाजार, क्रिप्टोकरेंसी, प्रौद्योगिकी, शिक्षा, स्वास्थ्य, मनोरंजन और सरकारी योजनाओं सहित विभिन्न विषयों पर शोध-आधारित लेख लिखती हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय जानकारी सरल भाषा में पहुँचाना है।

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