ऋषिकेश: सावन के महीने में शिवभक्तों और पर्यटकों से गुलजार ऋषिकेश में बढ़ती भीड़ के साथ कूड़े के ढेर भी बढ़ते जा रहे हैं। घाटों, सड़कों और बाजारों में प्लास्टिक की बोतलों व खाने-पीने के पैकेटों का कचरा जमा हो गया है, जिससे स्थानीय लोगों ने सफाई व्यवस्था पर नाराजगी जताई है।
गंगा घाटों पर गंदगी का दृश्य
सावन के दौरान हर साल ऋषिकेश में श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या पहुंचती है। इस बार भी सुबह से लेकर देर रात तक घाटों और सड़कों पर भक्तों की आवाजाही बनी हुई है। लेकिन भीड़ के हिसाब से सफाई व्यवस्था न होने के कारण कई जगहों पर कूड़ा जमा दिखाई दे रहा है। घाटों के आसपास और सड़क किनारे गंदगी के ढेर शहर की साफ-सफाई पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों ने जताई नाराजगी
मीडिया से बातचीत में स्थानीय निवासी नरेंद्र गिरी ने कहा कि सावन में हर साल इतनी भीड़ आती है, लेकिन सफाई व्यवस्था नहीं बढ़ाई जाती। सुबह सफाई होने के बाद कुछ ही घंटों में फिर कूड़ा जमा हो जाता है। उन्होंने कहा कि दूसरे शहरों से आए लोगों का स्वागत करना चाहिए, लेकिन शहर साफ भी रहना चाहिए। इसके लिए भीड़ वाले इलाकों में लगातार सफाई की व्यवस्था करनी होगी।
जागरूकता पर दिया जोर
स्थानीय लोगों का कहना है कि सिर्फ सफाई कर्मचारियों की संख्या बढ़ाना काफी नहीं है। श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भी जागरूक करने की जरूरत है। जगह-जगह पर्याप्त डस्टबिन लगाए जाने चाहिए और लोगों को कूड़ा सड़क या घाट पर न फेंकने के लिए समझाया जाना चाहिए। ऋषिकेश की पहचान गंगा और धार्मिक पर्यटन से जुड़ी है, ऐसे में गंदगी का गलत संदेश जाएगा।







