पटना में पुनपुन नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण बढ़हईया कोल बांध करीब 15 फीट की चौड़ाई में टूट गया। बांध टूटने के बाद आसपास के कई इलाकों में बाढ़ का पानी घुस गया है। जल संसाधन विभाग और जिला प्रशासन की टीम ने बांस और रेत की बोरियों से पानी के प्रवाह को कम करने की कोशिश शुरू कर दी है।
बांध टूटने से कई इलाकों में फैला पानी
जानकारी के मुताबिक, पुनपुन नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण बांध पर पानी का दबाव बढ़ गया था। इसी दबाव के चलते बढ़हईया कोल बांध में कटाव हुआ और करीब 15 फीट का हिस्सा टूट गया। बांध टूटने के बाद पानी तेजी से आसपास के इलाकों में फैलने लगा, जिससे ग्रामीणों और स्थानीय लोगों के सामने परेशानी खड़ी हो गई है।
प्रशासन ने शुरू की राहत कार्य
बांध टूटने की सूचना मिलने के बाद जल संसाधन विभाग और पटना जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने टूटे हुए हिस्से से पानी के तेज प्रवाह को कम करने के लिए बांस और रेत से भरी बोरियों का सहारा लिया है। फिलहाल वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए पानी के बहाव को नियंत्रित करने की कोशिश की जा रही है।
मौके पर बढ़ाई गई निगरानी
प्रशासन की ओर से मौके पर निगरानी बढ़ा दी गई है। वैकल्पिक व्यवस्था को किसी तरह का नुकसान न पहुंचे, इसके लिए एक हवलदार को मौके पर तैनात किया गया है। पुलिसकर्मी की मौजूदगी में बांध के टूटे हिस्से और बनाए जा रहे अस्थायी इंतजाम की निगरानी की जा रही है।
पुनपुन नदी का बढ़ता जलस्तर चिंता का कारण
पुनपुन नदी के जलस्तर में वृद्धि के साथ ही नदी से जुड़े तटबंधों और बांधों पर दबाव बढ़ रहा है। बढ़हईया कोल बांध का टूटना इसी बढ़ते दबाव का नतीजा बताया जा रहा है। इससे पहले भी पुनपुन नदी से जुड़े इलाकों में बांध और तटबंधों पर पानी के दबाव को लेकर प्रशासन अलर्ट रहा है।







