नेपाल की भोटे कोशी नदी में अचानक आई भयंकर बाढ़ से व्यापक तबाही हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 1000 लोग बह गए हैं, जबकि 4000 लोग मलबे में दबे होने की आशंका है। इस घटना के बाद उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है, क्योंकि अगले कुछ घंटों में नारायणी नदी में तीन लाख क्यूसेक पानी पहुंच सकता है।
रसुवा में सुबह-सुबह आई आपदा
स्थानीय समयानुसार बुधवार सुबह करीब नौ बजे भोटे कोशी नदी में अचानक बाढ़ आ गई। बताया जा रहा है कि पानी तिब्बत की ओर से आया। नेपाली सेना के एक बयान के अनुसार, पानी के अचानक बढ़ने से रसुवा जिले के तिमुरे और समीपवर्ती स्याफ्रुबेसी इलाके में भारी नुकसान हुआ, जिसमें वाहन, सामान और अन्य संपत्ति बह गई। रसुवा जिला काठमांडू के उत्तर-पूर्व में स्थित है और तिब्बत सीमा से करीब 125 किलोमीटर दूर है।
1000 लोग बहे, 4000 मलबे में दबे
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, इस बाढ़ में 1000 लोग बह गए हैं, जबकि 4000 लोग मलबे में दबे हुए हैं। राहत और बचाव दल उनकी तलाश में जुटे हुए हैं।
महाराजगंज में हाई अलर्ट
इस बाढ़ के मद्देनजर, उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। जिले के सिंचाई विभाग, बाढ़ खंड को अलर्ट कर दिया गया है। आशंका जताई जा रही है कि नारायणी नदी में तीन लाख क्यूसेक पानी पहुंच सकता है। अगले छह घंटे में नारायणी नदी में जल प्रलय पहुंचने की संभावना है और पानी को सुरक्षित आगे बढ़ाने की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
प्रभावित होने वाले क्षेत्र
प्राप्त जानकारी के अनुसार, महाराजगंज जिले के तीन गांवों – सोहगीबरवा, भोतियाही और शिकारपुर में इस बाढ़ का असर देखने को मिल सकता है। इसके अलावा, इसका प्रभाव नारायणी नदी के बाद बिहार की गंडक नदी में भी भारी तबाही की आशंका जताई जा रही है। जिला प्रशासन पूरी घटना पर नज़र बनाए हुए है।
नेपाल में हाई अलर्ट जारी
नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) ने रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, चितवन और गोरखा के नदी किनारे रहने वाले लोगों से अत्यधिक सतर्क रहने और सुरक्षा उपाय करने की अपील की है। रसुवा के सहायक मुख्य जिला अधिकारी ध्रुव प्रसाद अधिकारी ने बताया कि बाढ़ का स्तर असामान्य रूप से अधिक था और दोनों बस्तियों को काफी नुकसान पहुंचा है।







