राजस्थान के झालावाड़ जिले में जनवरी 2026 में हुई कथित ड्रग्स बरामदगी की कार्रवाई अब खुद पुलिस अधिकारियों के लिए मुसीबत बन गई है। चौमहला कोर्ट के आदेश पर मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिले के दो थाना प्रभारियों समेत 100 से अधिक ज्ञात और अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
फैजान की गिरफ्तारी के बाद चला था ऑपरेशन
जानकारी के मुताबिक, 21 जनवरी 2026 को आगर पुलिस ने फैजान नाम के युवक को 330 ग्राम एमडी ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया था। पूछताछ में उसने बताया कि यह मादक पदार्थ राजस्थान के झालावाड़ जिले के घाटाखेड़ी गांव निवासी शाहिर, मुनव्वर और ताहिर से लाया गया था। इसके बाद 28 जनवरी को आगर पुलिस ने 80 से अधिक पुलिसकर्मियों के साथ घाटाखेड़ी गांव में दबिश दी और भारी मात्रा में मादक पदार्थ, दो बंदूकें, ग्राइंडर मशीन और ड्रम बरामद करने का दावा किया था। इस दौरान शाहिर और मुनव्वर को गिरफ्तार किया गया था।
आरोपियों के पिता ने कार्रवाई को बताया फर्जी
जबकि शुरुआत से ही आरोपियों के पिता हमीद खान ने इस कार्रवाई को फर्जी बताया था। उनका आरोप था कि मध्य प्रदेश पुलिस ने राजस्थान पुलिस को सूचना दिए बिना उनके घर में प्रवेश किया, परिवार के साथ दुर्व्यवहार किया और उनके बेटों को झूठे एनडीपीएस मामले में फंसा दिया। उन्होंने दावा किया कि पुलिस की गाड़ियां गांव में केवल करीब 30 मिनट तक रुकी थीं, जबकि इतने कम समय में तलाशी, गिरफ्तारी, जब्ती और अन्य कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करना संभव नहीं था।
जांच में सामने आईं कई खामियां
मामले में नया मोड़ तब आया जब हमीद खान ने 21 फरवरी 2026 को चौमहला कोर्ट में परिवाद दायर किया। कोर्ट के निर्देश पर झालावाड़ पुलिस अधीक्षक ने जांच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भागचंद्र मीणा को सौंपी। जांच के दौरान कई गंभीर विसंगतियां सामने आईं। रिपोर्ट के अनुसार, तलाशी, गिरफ्तारी और जब्ती से जुड़े कई जरूरी रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं थे। वहीं, पुलिस द्वारा कार्रवाई की वीडियोग्राफी किए जाने का दावा भी जांच में गलत पाया गया।
पूरी कार्रवाई पर उठने लगे सवाल
जांच में यह भी सामने आया कि पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार शाहिर की गिरफ्तारी सुबह 4:40 बजे, मुनव्वर की 4:45 बजे और जब्ती 5:40 बजे दिखाई गई थी। लेकिन सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के मुताबिक आगर पुलिस की डग थाना क्षेत्र में मौजूदगी सुबह 5:05 बजे तक ही दर्ज हुई। इससे पूरी कार्रवाई की वैधता पर सवाल खड़े हो गए।
थाना प्रभारियों समेत 100 लोगों पर FIR
कोर्ट ने उपलब्ध साक्ष्यों और जांच रिपोर्ट के आधार पर एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए। इसके बाद डग थाने में आगर कोतवाली थाना प्रभारी शशि उपाध्याय, बड़ौद थाना प्रभारी रूप सिंह राजपूत, एसआई राखी गुर्जर, एएसआई अजय जाट, राहुल विश्वकर्मा, पुलिसकर्मी शुभम समेत करीब 100 ज्ञात और अज्ञात लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और आने वाले दिनों में अन्य आरोपियों के नाम भी सामने आ सकते हैं।
