जबलपुर: खराब सड़क के कारण गर्भवती महिला को पैदल चलना पड़ा, इलाज के दौरान मां और अजन्मे बच्चे की मौत

जबलपुर में सड़क खराब होने के कारण एक गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा के दौरान करीब एक किलोमीटर पैदल चलना पड़ा। बाद में उन्हें ऑटो से अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान मां और अजन्मे बच्चे की मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग ने एंबुलेंस प्रोटोकॉल के उल्लंघन समेत मामले की जांच के आदेश दिए हैं।

खराब सड़क के चलते पैदल चलने को मजबूर

जबलपुर की ब्रजपुरी कॉलोनी में सड़क बेहद खराब होने के कारण एक गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा के दौरान मुख्य सड़क तक पहुंचने के लिए करीब एक किलोमीटर पैदल चलना पड़ा। आशा कार्यकर्ता उन्हें पैदल ही मुख्य मार्ग तक लेकर आई, जिससे महिला की हालत और बिगड़ गई।

ऑटो से अस्पताल पहुंची, लेकिन नहीं बच पाई

मुख्य सड़क पर पहुंचने के बाद महिला को किराए के ऑटो-रिक्शा के जरिए एल्गिन अस्पताल ले जाया गया। वहां उनकी स्थिति गंभीर होने और सांस लेने में तकलीफ होने पर डॉक्टरों ने उन्हें नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया। मेडिकल कॉलेज में उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया, लेकिन तमाम कोशिशों के बाद भी मां और बच्चे दोनों को नहीं बचाया जा सका।

एंबुलेंस प्रोटोकॉल का उल्लंघन

स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में आपातकालीन प्रोटोकॉल के उल्लंघन की बात सामने आ रही है। नियमों के मुताबिक, आशा कार्यकर्ता को खुद वाहन बुक करने के बजाय सीधे 108 एंबुलेंस सेवा से संपर्क करना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। अधिकारियों ने बताया कि महिला ने उस महीने में दो बार प्रसव पूर्व जांच कराई थी और उनके कुछ समय सतना में रहने के कारण गर्भावस्था पंजीकरण में करीब चार महीने की देरी हुई थी।

जांच के आदेश

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी नवीन कोठारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत और उच्च स्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं। प्रशासन जांच कर रहा है कि क्या समय पर सही आपातकालीन मदद न मिलने के कारण महिला की स्थिति बिगड़ी। रिपोर्ट आने के बाद जो भी कर्मचारी या अधिकारी इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

जबलपुर की इस घटना ने खराब सड़कों और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं में समन्वय की कमी को उजागर किया है। स्वास्थ्य विभाग की जांच से उम्मीद है कि त्रासदी की वजहों का पता चलेगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

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