फ्रांस का शिक्षा बजट 21.6 लाख करोड़ रुपये, फिर भी हाईस्कूल छात्र सड़क पर क्यों?

फ्रांस ने 2025 में शिक्षा पर 199.2 अरब यूरो यानी करीब 21.6 लाख करोड़ रुपये खर्च किए। यह राशि देश की जीडीपी का 6.7 फीसदी है। बावजूद इसके हाईस्कूल के छात्र और शिक्षक सड़कों पर उतर आए हैं। प्रदर्शन की शुरुआत 21 सितंबर को पेरिस के उपनगर क्रेतेई से हुई। अब बेल्जियम समेत यूरोप के कई शहरों में भी छात्र विरोध कर रहे हैं। मुख्य शिकायतें शिक्षकों की कमी, भीड़भाड़ वाली कक्षाएं और बुनियादी सुविधाओं की कमी हैं।

21 सितंबर को पेरिस के उपनगर क्रेतेई में छात्रों ने एक स्कूल का रास्ता रोक दिया। इसके बाद एक हफ्ते के अंदर यह विरोध फ्रांस के कई हिस्सों में फैल गया। कई जगहों पर छात्रों और पुलिस के बीच झड़पें भी हुईं। प्रदर्शन में सिर्फ छात्र ही नहीं, शिक्षक भी शामिल हो गए। शिक्षक सरकारी कर्मचारियों के प्रस्तावित वेतन फ्रीज के फैसले का विरोध कर रहे हैं। अब तक 6,100 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

फ्रांस के शिक्षा मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक 2025 में शिक्षा पर कुल खर्च का सबसे बड़ा हिस्सा माध्यमिक शिक्षा पर गया। यूरोस्टैट के आंकड़ों के अनुसार फ्रांस शिक्षा पर अपनी जीडीपी का काफी हिस्सा खर्च करता है। स्वीडन 7.3 फीसदी के साथ सबसे आगे है जबकि बेल्जियम, एस्टोनिया और फिनलैंड में यह आंकड़ा 6.3 फीसदी है।

स्कूलों की मुख्य समस्याएं

प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि कक्षाओं में जरूरत से ज्यादा बच्चे हैं। फ्रांस में लोअर सेकेंडरी स्तर पर एक कक्षा में औसतन 26 विद्यार्थी होते हैं जबकि ओईसीडी देशों में यह औसत 23 है। कई स्कूलों में शिक्षक उपलब्ध नहीं रहते और उनकी जगह व्यवस्था नहीं की जाती। माध्यमिक स्कूलों में करीब 11 फीसदी शिक्षक पूरी तरह योग्य नहीं हैं।

कुछ छात्रों ने स्कूल की इमारतों की खराब हालत, डेस्क-कुर्सियों की कमी और चूहों की शिकायत भी की है। इस साल की भीषण गर्मी ने हालात और खराब किए क्योंकि कई स्कूलों में एसी नहीं है। छात्र बेहतर माहौल, शिक्षकों की कमी दूर करने और बुनियादी सुविधाओं में सुधार की मांग कर रहे हैं, ओईसीडी के सर्वे के अनुसार फ्रांस में सिर्फ 4 फीसदी शिक्षकों का मानना है कि समाज उनके पेशे को सम्मान की नजर से देखता है। ओईसीडी देशों में यह औसत 22 फीसदी है। फ्रांस के बाद बेल्जियम में भी छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं।

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  • रश्मि शर्मा, पत्रकार व लेखिका। 8+ वर्षों का अनुभव।
    विशेषज्ञता: नेशनल और अंतरराष्ट्रीय राजनीति, क्रिकेट-ओलंपिक, शेयर बाजार, अर्थव्यवस्था, AI-टेक, विज्ञान, स्वास्थ्य नीति व अर्थव्यवस्था, मनोरंजन।
    जटिल खबरों को सरल भाषा में समझाना मेरी पहचान।

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