भारतीय स्टार्टअप टेकमी2स्पेस एक अक्टूबर को भारत का पहला ऑर्बिटल कंप्यूटिंग सैटेलाइट एमओआई-1ए लॉन्च करने जा रहा है। यह स्पेसएक्स के ट्रांसपोर्टर-18 मिशन के जरिए अंतरिक्ष में जाएगा। सैटेलाइट अंतरिक्ष में ही डाटा प्रोसेस करेगा और सिर्फ अंतिम विश्लेषण पृथ्वी पर भेजेगा। इसका वजन 50 किलोग्राम से कम है।
भारतीय स्पेस स्टार्टअप टेकमी2स्पेस एक अक्टूबर को भारत का पहला ऑर्बिटल कंप्यूटिंग सैटेलाइट एमओआई-1ए लॉन्च करने की तैयारी में है। यह सैटेलाइट स्पेसएक्स के ट्रांसपोर्टर-18 मिशन के जरिए अंतरिक्ष में स्थापित किया जाएगा।
इस मिशन का मुख्य उद्देश्य कच्चे डाटा को पृथ्वी पर भेजने के बजाय कक्षा में ही उसे प्रोसेस करना है। कंपनी के संस्थापक और सीईओ रौनक सामंतराय के अनुसार, ग्राहक अपना एआई सॉफ्टवेयर इंटरनेट के जरिए सैटेलाइट पर भेज सकेंगे। सैटेलाइट संबंधित क्षेत्र के ऊपर से गुजरते समय डाटा को खुद प्रोसेस करेगा और पूरी फाइल के बजाय सिर्फ अंतिम विश्लेषण पृथ्वी पर भेजेगा। इससे डाटा डाउनलोड का खर्च कम होगा।
सैटेलाइट की खास बातें
इस सैटेलाइट का वजन 50 किलोग्राम से कम है। इसमें एनवीडिया के एज-कंप्यूटिंग प्रोसेसर लगे हैं। यह लगभग 150 वाट बिजली पर काम करता है। कंपनी ने इस मिशन के लिए 23 ग्राहकों को साइन किया है। इनमें कृषि, खनन, सप्लाई चेन प्रबंधन, बीमा क्षेत्र की कंपनियां और शैक्षणिक संस्थान शामिल हैं। अमेरिकी स्पेस डाटा एनालिटिक्स फर्म लिटल प्लेस लैब्स भी ग्राहकों में शामिल है, कंपनी अपने सैटेलाइट के ज्यादातर सब-सिस्टम भारत में ही डिजाइन और निर्मित करती है। चिप, सोलर सेल्स और प्रोपल्शन सिस्टम बाहर से आयात किए जाते हैं। टेकमी2स्पेस की योजना 2027 से बड़े सैटेलाइट लॉन्च करने की है ताकि कंप्यूटिंग क्षमता बढ़ाई जा सके और लागत कम हो।
पिछला मिशन और आगे की योजना
एमओआई-1ए असल में एमओआई-1 की जगह ले रहा है। यह 12 जनवरी को इसरो के पीएसएलवी सी62 रॉकेट के तीसरे चरण की विफलता के कारण नष्ट हो गया था। उस हादसे के बाद कंपनी ने स्पेसएक्स के फाल्कन 9 रॉकेट पर पहला उपलब्ध स्लॉट हासिल किया। इससे पहले 30 दिसंबर 2024 को श्रीहरिकोटा से टेस्ट सैटेलाइट लॉन्च किया गया था। कंपनी के अनुसार उसने अंतरिक्ष में 20 से अधिक सफल परीक्षण किए हैं, कंपनी आगे बड़े और नेटवर्क से जुड़े सैटेलाइट बनाने की योजना बना रही है। साथ ही वित्तीय सेवाओं और रक्षा क्षेत्र के लिए अंतरिक्ष में कोल्ड स्टोरेज सुविधा देने की भी तैयारी है।







