राम मंदिर चंदा चोरी मामले में SIT जांच के बाद महासचिव चंपत राय ने इस्तीफा दे दिया। इस्तीफे के बाद वह अयोध्या में ही रहेंगे और जांच एजेंसी को पूरा सहयोग करेंगे। जांच पूरी होने के बाद ही वह सार्वजनिक रूप से सवालों का जवाब देंगे। सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।
अयोध्या राम जन्मभूमि अयोध्या में चंदा चोरी मामले के खुलासे के बाद श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इस मामले में SIT ने जांच की, जिसमें 8 लोगों को दोषी मानते हुए पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर लिया। अब सवाल उठ रहा है कि इस्तीफे के बाद चंपत राय कहां हैं और उनका अगला कदम क्या होगा।
चंपत राय ने लिया बड़ा फैसला, अयोध्या में ही रहेंगे
जानकारी के अनुसार, चंपत राय ने इस्तीफे के बाद अपने करीबी सहयोगियों से कहा है कि वह अयोध्या में ही रहेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जब तक SIT की अंतिम जांच रिपोर्ट नहीं आ जाती और असली दोषियों का खुलासा नहीं हो जाता, तब तक वह शहर में ही उपलब्ध रहेंगे। इस दौरान वह जांच एजेंसी को हर संभव सहयोग देंगे और अगर SIT टीम को किसी प्रकार की जानकारी या मदद की जरूरत होगी, तो वह उपलब्ध रहेंगे।
सुरक्षा बढ़ाई गई, जांच पूरी होने पर देंगे जवाब
चंपत राय के इस फैसले के बाद उनकी सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। भवन के अंदर आने-जाने वाले लोगों पर कड़ी नजर रखी जा रही है और स्थानीय प्रशासन भी सतर्क है। खबरों के मुताबिक, चंपत राय ने कहा है कि SIT जांच पूरी होने के बाद ही वह सार्वजनिक रूप से सभी सवालों का जवाब देंगे। फिलहाल उनका पूरा ध्यान जांच प्रक्रिया में सहयोग करने और सच्चाई सामने आने पर है।
चंदा चोरी मामले में आगे की कार्रवाई
बता दें कि राम मंदिर ट्रस्ट में हाल ही में अब तक के जानकारी के मुताबिक, हुए फेरबदल के तहत चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार कर लिए गए थे। ट्रस्ट ने अंतरिम महासचिव की नियुक्ति और प्रशासनिक ढांचे में बदलाव का फैसला लिया है। वहीं, चंदा चोरी मामले में पुलिस ने जांच और पूछताछ के लिए कोर्ट से रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू और सुभाष चंद्र श्रीवास्तव की पुलिस कस्टडी रिमांड की मांग की है। कोर्ट 14 जुलाई को इस पर अपना फैसला सुनाएगी। पुलिस का मानना है कि दोनों आरोपियों से पूछताछ के बाद चंदे की हेराफेरी और रकम की लेन-देन सहित कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।

