सागर जिले के बंडा क्षेत्र में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के मामले में पुलिस की प्रारंभिक जांच में उत्तर प्रदेश के ललितपुर का कनेक्शन सामने आया है। जांच के अनुसार, वहां से नकली शराब पर फर्जी रैपर, सील-ढक्कन और क्यूआर कोड लगाकर सागर के सीमावर्ती गांवों में सप्लाई की जा रही थी। जिला कलेक्टर ने 10 मौतों की पुष्टि की है जबकि पुलिस ने 12 संदिग्धों को हिरासत में लिया है।
सागर जिले के बंडा क्षेत्र में कथित जहरीली शराब से हुई मौतों के मामले में पुलिस की प्रारंभिक जांच में उत्तर प्रदेश कनेक्शन सामने आया है। सागर के यूपी सीमा से सटे गांवों में ललितपुर के अवैध शराब नेटवर्क का सक्रिय होना पाया गया है। यह नेटवर्क नकली शराब कम दामों पर ग्रामीण इलाकों में सप्लाई कर रहा था।
ललितपुर में तैयार होती थी शराब
हाल ही में ललितपुर पुलिस ने अवैध शराब सप्लाई करने वाले एक गिरोह को पकड़ा था। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे सागर के बंडा क्षेत्र और आसपास के इलाकों में नकली शराब पहुंचाते थे। आरोपियों के अनुसार, रवि लखेरा, उनकी पत्नी शिवानी लखेरा, चंद्रेश लोधी और मोना राजा इस सिंडिकेट से जुड़े थे।
फर्जी रैपर और क्यूआर कोड का इस्तेमाल
जांच में सामने आया कि ललितपुर में अवैध तरीके से बनी शराब पर नकली रैपर, नकली सील-ढक्कन और फर्जी क्यूआर कोड लगाए जाते थे। इसके बाद चार पहिया वाहनों और मोटरसाइकिलों के जरिए इसे सीमावर्ती गांवों तक पहुंचाया जाता था। जानकारी के अनुसार, यह शराब सागर के बांदरी, बढ़ोदिया, गूगरा खुर्द, नौराज और बैराज जैसे गांवों में बड़े पैमाने पर वितरित की गई थी।
घटना के बाद पुलिस और आबकारी विभाग सक्रिय हो गए हैं। वे स्थानीय स्तर पर शामिल तस्करों और नेटवर्क की गहराई का पता लगाने में जुटे हैं। पूरे जिले में शराब दुकानों और संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी जारी है।
जिला प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई जारी है। जिला कलेक्टर ने अब तक 10 लोगों की मौत की आधिकारिक पुष्टि की है। पुलिस ने मामले में 12 संदिग्धों को हिरासत में लिया है और अवैध शराब नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है।







