नेपाल में भीषण बाढ़ और भूस्खलन की त्रासदी के बीच एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है, जिसमें दो व्यक्ति भोटेकोशी नदी में बहकर आए एक मृत व्यक्ति के शव से कथित तौर पर गहने निकालते दिख रहे हैं। वीडियो वायरल होने के बाद नेपाल पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। सोशल मीडिया यूजर्स ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस की कार्रवाई
नेपाल इस समय बाढ़ और भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदा का सामना कर रहा है, जहां कई जगहों पर तबाही का मंजर है और लोगों की जिंदगी संकट में है। इसी बीच भोटेकोशी नदी में बहकर आए एक शव से कथित तौर पर दो लोगों द्वारा गहने निकालने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
वीडियो के सामने आते ही नेपाल पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने वीडियो का धुंधला संस्करण जारी कर कार्रवाई की जानकारी साझा की। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान 38 वर्षीय उमेश चौधरी और गुरुंग के रूप में हुई है।
सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं
नेपाल पुलिस के पोस्ट पर लोगों ने जमकर कमेंट्स किए हैं। वीडियो का दृश्य इतना भयावह बताया गया कि कई लोगों ने नेपाल पुलिस से वीडियो को हटाने की अपील की है। एक यूजर ने साइबर ब्यूरो से बात करके वीडियो को इंटरनेट से हटवाने की बात कही।
कड़ी सजा की मांग
एक यूजर ने सवाल किया कि अगर ऐसी आपराधिक मानसिकता रखने वाले व्यक्ति को पांच साल जेल की सजा मिले तो क्या होगा। एक अन्य यूजर ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए नेपाल पुलिस को धन्यवाद देते हुए लिखा कि इतनी बड़ी त्रासदी में जान गंवाने वाले व्यक्ति के साथ कोई ऐसा कैसे कर सकता है।
त्रासदी में एकजुटता
भारत की ओर से नेपाल के लोगों के साथ एकजुटता भी जताई गई। एक यूजर ने लिखा कि संकट की इस घड़ी में भारत अपने पड़ोसी नेपाल के भाई-बहनों के साथ खड़ा है और अभी भी फंसे लोगों को जल्द से जल्द बचाने की अपील की।
घटना को लेकर लोगों का गुस्सा
सोशल मीडिया पर एक यूजर ने वीडियो देखने के बाद अपना दुख जाहिर करते हुए दावा किया कि केदारनाथ त्रासदी के दौरान भी ऐसी घटनाएं हुई थीं। यूजर ने इस घटना को बेहद दुखद बताते हुए इसे ‘कलियुग’ तक कह दिया। एक यूजर ने कहा कि किसी आपदा में जान गंवाने वाले व्यक्ति के शव के साथ ऐसा व्यवहार पूरी तरह अस्वीकार्य है।
लोगों की स्पष्ट मांग है कि इस मामले में कानून के तहत सख्त से सख्त कार्रवाई हो और आपदा में मारे गए लोगों की गरिमा का सम्मान सुनिश्चित किया जाए। प्राकृतिक आपदा के बीच शव के साथ कथित दुर्व्यवहार ने लोगों को अंदर तक झकझोर दिया है।







