जय मूंदड़ा: राजस्थान का वह गेंदबाज जिसने आयरलैंड के लिए इतिहास रचा और अपने पहले ही ओवर में संजू सैमसन को किया आउट

26 जून 2026 की तारीख क्रिकेट के इतिहास में एक खास वजह से दर्ज हो गई। बेलफास्ट के स्टॉरमोंट मैदान पर आयरलैंड ने भारत को टी20 मैच में 34 रन से हराकर इतिहास रच दिया। लेकिन इस जीत की कहानी से भी बड़ी कहानी थी उस गेंदबाज की, जिसने पहली ही अंतरराष्ट्रीय गेंद पर भारतीय स्टार बल्लेबाज संजू सैमसन का विकेट चटकाया। यह गेंदबाज था जय मूंदड़ा (Jai Moondra), जो राजस्थान के टोंक जिले का रहने वाला है और अब आयरलैंड की राष्ट्रीय टीम का हिस्सा है।

यह सिर्फ एक क्रिकेट मैच की कहानी नहीं है, बल्कि संघर्ष, शिक्षा और क्रिकेट के प्रति अटूट प्रेम की कहानी है। आज हम जानेंगे कि वह कौन है जिसने अपनी पहचान भारतीय जड़ों से जुड़े एक आयरिश खिलाड़ी के रूप में बनाई, उनकी उम्र (Jai Moondra age) क्या है, उनका इंस्टाग्राम अकाउंट, उनका धर्म (Jai Moondra religion) क्या है, और आखिर कैसे यह भारतीय (Jai Moondra is indian) खिलाड़ी आयरलैंड के लिए खेलता हुआ अपनी पहचान बना पाया। यह कहानी हर उस युवा के लिए प्रेरणा है जो अपने सपनों को जीने के लिए हर संभव कोशिश करता है।

कौन हैं जय मूंदड़ा?

जय मूंदड़ा एक बाएं हाथ के तेज गेंदबाज हैं, जिनका जन्म 10 जनवरी 1997 को राजस्थान के टोंक शहर में हुआ। उनकी उम्र 29 साल है और उन्होंने जून 2026 में आयरलैंड के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया। जय ने अपनी शुरुआती पढ़ाई टोंक में की और बाद में इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए चेन्नई चले गए। उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में बैचलर ऑफ टेक्नोलॉजी (BTech) की डिग्री एसआरएम इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, चेन्नई से पूरी की।

दिलचस्प बात यह है कि जय मूंदड़ा ने अपने करियर की शुरुआत एक बैटर और बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाज के रूप में की थी। कॉलेज के दिनों में, जब उन्होंने टेनिस बॉल से मीडियम पेस गेंदबाजी की, तो उनका झुकाव तेज गेंदबाजी की तरफ बढ़ा और धीरे-धीरे उन्होंने अपनी स्पीड पर काम किया, जो अब 140 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक हो गई है। हालांकि, क्रिकेट उनका जुनून था, लेकिन उनके पिता चाहते थे कि पहले पढ़ाई पूरी हो, फिर क्रिकेट पर ध्यान दिया जाए। यही वजह है कि 2019 में कॉलेज खत्म होने के बाद, जब उनके सामने एक कॉरपोरेट जॉब का ऑप्शन था, तो उन्होंने फैसला किया कि वह क्रिकेट को एक आखिरी मौका देंगे।

जय मूंदड़ा ने आयरलैंड के लिए डेब्यू कैसे किया?

जय मूंदड़ा ने आयरलैंड के लिए डेब्यू कैसे किया?

जय मूंदड़ा का आयरलैंड आना और वहां क्रिकेट खेलना एक संयोग से कम और मेहनत से ज्यादा कहा जा सकता है। 2021 में, वह मास्टर डिग्री (MS) करने के लिए डबलिन के टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी डबलिन (TU Dublin) गए। यहां उन्होंने पढ़ाई के साथ-साथ क्रिकेट खेलना भी जारी रखा और उन्होंने लिंस्टर क्रिकेट क्लब (Leinster Cricket Club) से जुड़ गए।

पढ़ाई पूरी करने के बाद, जय ने आयरलैंड में दिग्गज कंपनी इंटेल (Intel) में प्रोडक्ट डेवलपमेंट इंजीनियर के तौर पर नौकरी भी की। लेकिन वहां भी वह क्रिकेट से दूर नहीं रह सके। वह ऑफिस, क्रिकेट और सोने की दिनचर्या को फॉलो करते रहे। जून 2025 में उन्होंने अपनी पूरी ताकत क्रिकेट पर लगाने के लिए इंटेल की नौकरी छोड़ दी। यह एक बड़ा जोखिम था, लेकिन आगे चलकर यही फैसला उनके करियर का टर्निंग पॉइंट बना।

आयरलैंड की घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के बाद, जून 2026 में भारत के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए उन्हें आयरलैंड की टीम में चुना गया। दिलचस्प बात यह है कि आयरलैंड की टीम में पांच तेज गेंदबाज चोटिल थे, जिसके कारण उन्हें यह मौका मिला। अपने चयन के बारे में उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलना हमेशा एक सपना था और वह क्रिकेट आयरलैंड के आभारी हैं कि उन्होंने उन्हें यह अवसर दिया।

26 जून 2026 को बेलफास्ट के स्टॉरमोंट मैदान पर खेले गए पहले टी20 मैच में उन्होंने डेब्यू किया। उन्होंने अपनी पहली ही गेंद पर संजू सैमसन (Sanju Samson) को आउट करके दुनिया को हैरान कर दिया। स्टंप्स पर आउट होने वाले संजू सैमसन को देख स्टॉरमोंट का मैदान तालियों से गूंज उठा। पहले मैच में ही उन्होंने 2 विकेट (संजू सैमसन और शिवम दुबे) लेकर आयरलैंड को उसकी पहली जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

सीरीज का टर्निंग पॉइंट: दूसरा टी20 मैच

सीरीज का टर्निंग पॉइंट: दूसरा टी20 मैच

अगर पहला मैच जय मूंदड़ा के लिए एक सपने के सच होने जैसा था, तो दूसरा मैच तो उन्होंने कमाल कर दिया। 28 जून 2026 को खेले गए दूसरे टी20 मैच में आयरलैंड ने भारत को सिर्फ 1 रन से हराकर ऐतिहासिक सीरीज जीत दर्ज की। इस मैच में जय मूंदड़ा ने 3 विकेट चटकाए, जिसमें संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा को गोल्डन डक पर आउट करना शामिल था।

उनकी गेंदबाजी का अंदाज कुछ इस तरह था। संजू सैमसन को उन्होंने अच्छी लेंथ पर गेंद डाली जो विकेट की तरफ मुड़ी और स्टंप्स पर जा लगी। अभिषेक शर्मा को उन्होंने धीमी गेंद डाली, जिसे अभिषेक ने गलत समय पर शॉट खेलते हुए मिड-ऑन पर कैच दे दिया। श्रेयस अय्यर को उन्होंने बाउंसर डाला जो उनके बल्ले के शोल्डर से लगकर बैकवर्ड प्वाइंट पर कैच हो गया।

इस शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें “प्लेयर ऑफ द मैच” और “प्लेयर ऑफ द सीरीज” चुना गया। सीरीज पुरस्कार मिलने के बाद उन्होंने कहा कि यह अभी भी उनके अंदर समाया नहीं है और यह एक अद्भुत अनुभव है। उन्होंने टीम प्रबंधन का शुक्रिया अदा किया और कहा कि हर किसी के जीवन में उतार-चढ़ाव आते हैं, बस टिके रहना होता है और आगे बढ़ते रहना होता है।

जय मूंदड़ा का परिवार और धर्म

जय मूंदड़ा राजस्थान के टोंक शहर के रहने वाले हैं। उनका परिवार एक मारवाड़ी परिवार है और उनका धर्म हिंदू (Hinduism) है। उनके पिता का नाम गिरिराज मूंदड़ा (Giriraj Moondra) था, जिनका फरवरी 2024 में निधन हो गया था। उनकी माता का नाम विद्या मूंदड़ा (Vidhya Moondra) है और उनकी एक बहन है जिसका नाम मानसी मूंदड़ा (Mansi Moondra) है।

जय मूंदड़ा की मां ने क्या कहा?

जब जय ने भारत के खिलाफ शानदार डेब्यू किया, तो उनकी मां विद्या मूंदड़ा ने एक न्यूज एजेंसी से बातचीत में कहा कि उन्हें दुख है कि भारत हारा, लेकिन उनके बेटे ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया और अपने परिवार, राजस्थान और देश का नाम रोशन किया। उन्होंने यह भी बताया कि जय के पिता चाहते थे कि वह पहले डिग्री हासिल करें और फिर क्रिकेट पर फोकस करें। उनके चाचा कन्हैया लाल मूंदड़ा ने भी भावुक होकर कहा कि वह अपने भतीजे के प्रदर्शन को शब्दों में बयां नहीं कर सकते।

जय मूंदड़ा के परिवार में कोई और क्रिकेटर है?

क्या जय मूंदड़ा के परिवार में कोई और क्रिकेटर है?

हां, जय के परिवार में एक और क्रिकेटर है, उनके चचेरे भाई अजय मूंदड़ा (Ajay Moondra), जो स्वीडन की क्रिकेट टीम के लिए खेलते हैं। अजय मूंदड़ा ने स्वीडन के लिए कई टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं और उनका औसत 30 से अधिक है। यह परिवार क्रिकेट को गहराई से जीता है।

पाकिस्तानी कनेक्शन: बिलाल अजहर की भूमिका

जय मूंदड़ा की सफलता में एक पाकिस्तानी कनेक्शन भी है। उन्होंने बिलाल अजहर (Bilal Azhar) से स्विंग और पेस गेंदबाजी की कला सीखी, जो इस्लामाबाद, पाकिस्तान के रहने वाले हैं और 2008 में आयरलैंड आ गए थे। जय लिंस्टर क्रिकेट क्लब में क्रिकेट खेलने के बाद बिलाल से मिले।

बिलाल, जो खुद वसीम अकरम के प्रशंसक हैं और बाएं हाथ के तेज गेंदबाज हैं, ने जय में कुछ खास देखा। बिलाल ने एक अखबार को बताया कि जब जय अंदर आया और गेंदबाजी की, उस दिन वह बल्लेबाजी कर रहा था और उसे लगा कि उसकी कुछ गेंदें तेज थीं। उन्होंने तुरंत पहचान लिया कि इस लड़के में कुछ है। बिलाल ने उनकी नो-बॉल की समस्या पर काम किया, जिससे जय और बेहतर होते गए। बिलाल ने कहा कि यह डेब्यू जैसा भी नहीं लगा और उन्हें 2024-25 से ही पता था कि जय खास है।

जय मूंदड़ा की गेंदबाजी की खासियत

जय मूंदड़ा की गेंदबाजी की खासियत

जय मूंदड़ा बाएं हाथ के तेज गेंदबाज हैं, जिनकी सबसे बड़ी खासियत रफ्तार है। उनकी गेंदबाजी का अंदाज आशीष नेहरा से मिलता-जुलता है। उनकी गेंदों में स्विंग और उछाल दोनों होते हैं, जो उन्हें खतरनाक बनाते हैं।

दूसरे टी20 मैच में उनकी गेंदबाजी ने दिखाया कि वह विविधता (variation) के साथ गेंदबाजी कर सकते हैं – उनमें तेज गेंद, धीमी गेंद और बाउंसर तीनों मौजूद हैं। उनके कोच मोहन सिंह (जिन्होंने जयपुर के एसएस क्रिकेट क्लब में उन्हें ट्रेनिंग दी) ने उनकी नींव रखी, और बिलाल अजहर ने उन्हें आयरलैंड में निखारा।

ओडीआई डेब्यू और आगे की राह

जय मूंदड़ा की कहानी यहीं खत्म नहीं होती। उन्होंने अफगानिस्तान के खिलाफ पांच मैचों की वनडे सीरीज में वनडे डेब्यू भी किया। उनका करियर अभी शुरू ही हुआ है, और आने वाले दिनों में उनसे और भी बड़ी उपलब्धियों की उम्मीद है।

जय मूंदड़ा की कहानी सिर्फ एक क्रिकेटर की कहानी नहीं है, बल्कि यह उन करोड़ों युवाओं की कहानी है जो अपने सपनों को पूरा करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने यह साबित किया है कि अगर आपके अंदर जुनून है और आप मेहनत करने को तैयार हैं, तो रास्ते खुद बनते हैं। अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद भी उन्होंने क्रिकेट का सपना नहीं छोड़ा और आज वह आयरलैंड के लिए खेलते हुए भारत जैसी मजबूत टीम को भी मात देने में अहम भूमिका निभाते हैं। उनका यह सफर हमें सिखाता है कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता, और अगर दिल में सच्ची लगन हो तो आप अपने सपनों को किसी भी भूमि पर पूरा कर सकते हैं।

इसके अलावा, क्रिकेट जगत में भारतीय मूल के कई खिलाड़ी दूसरे देशों के लिए खेल रहे हैं, जैसे न्यूजीलैंड के लिए रचिन रवींद्र, दक्षिण अफ्रीका के लिए केशव महाराज, अमेरिका के लिए सौरभ नेत्रवलकर, और ऑस्ट्रेलिया के लिए निखिल चौधरी। जय मूंदड़ा अब इसी लिस्ट में शामिल हो गए हैं और उन्होंने साबित कर दिया है कि प्रतिभा की कोई सीमा नहीं होती।

एक प्रेरणादायक कहानी

जय मूंदड़ा की कहानी सिर्फ एक क्रिकेटर की कहानी नहीं है, बल्कि यह उन करोड़ों युवाओं की कहानी है जो अपने सपनों को पूरा करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने यह साबित किया है कि अगर आपके अंदर जुनून है और आप मेहनत करने को तैयार हैं, तो रास्ते खुद बनते हैं। अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद भी उन्होंने क्रिकेट का सपना नहीं छोड़ा और आज वह आयरलैंड के लिए खेलते हुए भारत जैसी मजबूत टीम को भी मात देने में अहम भूमिका निभाते हैं। उनका यह सफर हमें सिखाता है कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता, और अगर दिल में सच्ची लगन हो तो आप अपने सपनों को किसी भी भूमि पर पूरा कर सकते हैं।

Author

  • मैं अनामिका गुप्ता, एक पत्रकार हूँ। पिछले 5 वर्षों में मैंने ब्रेकिंग, राजनीति, अपराध, सामाजिक, मनोरंजन, टेक्नोलोजी, विज्ञान, वित्त एवं निवेश और प्रौद्योगिकी मुद्दों और फीचर स्टोरीज़, हर विधा में काम किया है। जटिल मामलों को सरल भाषा में समझाना मेरी कला है और निष्पक्ष रिपोर्टिंग मेरी पहचान। इस वेबसाइट पर मैं पाठकों तक सच्चाई पहुँचाने का काम करती हूँ।

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