‘गजनी’ और ‘लगान’ के विख्यात अभिनेता प्रदीप रावत का 74 वर्ष की आयु में निधन

हिंदी और दक्षिण भारतीय सिनेमा के जाने-माने अभिनेता प्रदीप रावत का मंगलवार शाम मुंबई में निधन हो गया। वे 74 वर्ष के थे और कैंसर से जूझ रहे थे। उनके मैनेजर सिद्धार्थ तिवारी ने इस बात की पुष्टि की है। रावत ने ‘लगान’, ‘गजनी’ और ‘महाभारत’ जैसी फिल्मों व सीरियलों में अपने यादगार किरदारों के लिए पहचान बनाई थी। उनका अंतिम संस्कार बुधवार शाम को मुंबई में होगा।

मुंबई। हिंदी और दक्षिण भारतीय सिनेमा के मशहूर अभिनेता प्रदीप रावत, जिन्होंने ‘गजनी’ और ‘लगान’ जैसी फिल्मों में यादगार किरदार निभाए, का मंगलवार शाम को निधन हो गया। वे 74 वर्ष के थे और पिछले कुछ समय से कैंसर से जूझ रहे थे। उनके मैनेजर सिद्धार्थ तिवारी ने इस बात की पुष्टि की है।

कैंसर से लंबी लड़ाई

उनके मैनेजर सिद्धार्थ तिवारी ने बताया कि प्रदीप रावत का निधन मंगलवार, 4 अगस्त को शाम 6 से 6:30 बजे के बीच हुआ। वे पिछले डेढ़ महीने से अस्पताल में भर्ती थे। तिवारी ने बताया कि करीब चार साल पहले वह कैंसर से उबर चुके थे, लेकिन पिछले डेढ़ महीने से यह बीमारी फिर से लौट आई। अचानक उनके प्लेटलेट्स कम हो गए, जिसके बाद वे ठीक नहीं हो सके।

अंतिम संस्कार और परिवार

उनके मैनेजर के अनुसार, प्रदीप रावत का अंतिम संस्कार बुधवार शाम को मुंबई में किया जाएगा। उनका पार्थिव शरीर मुंबई के गोरेगांव स्थित उनके आवास पर रखा जाएगा। रावत के परिवार में उनकी पत्नी कल्याणी रावत और 18 वर्षीय पुत्र विक्रमादित्य हैं।

फिल्मी करियर और यादगार किरदार

प्रदीप रावत ने कई दशकों और कई भाषाओं में फैले अपने करियर में भारतीय सिनेमा के सबसे दमदार खलनायकों में से एक के रूप में पहचान बनाई। उन्हें टेलीविजन पर पहली बड़ी सफलता बी.आर. चोपड़ा की 1988 की प्रसिद्ध सीरीज ‘महाभारत’ में अश्वत्थामा के किरदार से मिली।

बाद में वे ‘गजनी’ में खलनायक गजनी धर्मात्मा के रोल के लिए मशहूर हो गए। यह किरदार उन्होंने पहले 2005 में आई मूल तमिल फिल्म ‘गजनी’ में और फिर 2008 में आई हिंदी रीमेक में भी निभाया। यह प्रदर्शन आज के भारतीय सिनेमा के सबसे खास विलेन रोलों में से एक माना जाता है।

नेगेटिव किरदारों के अलावा, रावत ने कई तरह की भूमिकाएँ भी निभाईं। आशुतोष गोवारिकर की ‘लगान’ (2001) में उन्होंने देवा सिंह सोढ़ी का किरदार निभाया, जो एक गुस्सैल और वफादार सिख सिपाही था। इस भूमिका के लिए उन्हें खूब सराहना मिली, जो उनकी खलनायक वाली छवि से बिल्कुल अलग थी। दक्षिण भारतीय सिनेमा में भी उनका योगदान उतना ही महत्वपूर्ण रहा।

सह-कलाकारों और प्रशंसकों की श्रद्धांजलि

उनके निधन की खबर सबसे पहले ‘लगान’ में उनके सह-अभिनेता यशपाल शर्मा ने सोशल मीडिया पर साझा की। उन्होंने लिखा, प्रदीप रावत, हमारे गजनी, लगान के देवा, RIP। इस खबर के बाद इंटरनेट पर शोक की लहर दौड़ गई। प्रशंसकों ने सोशल मीडिया पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। एक प्रशंसक ने लिखा, ओम शांति, हमारे गजनी और अश्वत्थामा। वहीं दूसरे ने कहा, सादर नमन, भगवान उन्हें अपने चरणों में स्थान दें।

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  • इसरत फातिमा 7 वर्षों के अनुभव वाली एक पेशेवर पत्रकार और कंटेंट राइटर हैं। वह राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय समाचार, राजनीति, व्यवसाय, शेयर बाजार, क्रिप्टोकरेंसी, प्रौद्योगिकी, शिक्षा, स्वास्थ्य, मनोरंजन और सरकारी योजनाओं सहित विभिन्न विषयों पर शोध-आधारित लेख लिखती हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय जानकारी सरल भाषा में पहुँचाना है।

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