बेन डकेट: इंग्लैंड के इस धुरंधर बल्लेबाज की पूरी कहानी

बेन डकेट आधुनिक क्रिकेट के सबसे आक्रामक और रोमांचक सलामी बल्लेबाजों में से एक हैं। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने अपनी पारियों से न सिर्फ इंग्लैंड को कई महत्वपूर्ण जीत दिलाई है, बल्कि अपनी बल्लेबाजी के अंदाज से दुनिया भर के क्रिकेट प्रेमियों का दिल भी जीता है, “बाजबॉल” के इस दौर में बेन डकेट का नाम सबसे पहले लिया जाता है। उनकी खासियत है गेंदबाजों पर हावी होना और हर तरह की परिस्थितियों में रन बनाना। चाहे वह टेस्ट हो, वनडे हो या टी20, डकेट ने हर फॉर्मेट में अपनी धाक जमाई है।

डकेट का करियर संघर्ष और सफलता दोनों की कहानी है। 2016 में डेब्यू करने के बाद उन्हें छह साल तक टीम से बाहर रहना पड़ा, लेकिन “बाजबॉल” युग में वापसी कर उन्होंने अपनी जगह पक्की कर ली। उनकी बल्लेबाजी में एक अनोखा आक्रामक अंदाज है, जो उन्हें दुनिया के बेहतरीन ओपनरों में शुमार करता है, आज वह इंग्लैंड की टेस्ट टीम के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में गिने जाते हैं और उनका नाम हर बड़े टूर्नामेंट में चर्चा का विषय बना रहता है।

इस लेख में हम बेन डकेट के जीवन के हर पहलू को विस्तार से जानेंगे। उनके बचपन से लेकर अंतरराष्ट्रीय करियर तक, उनकी निजी जिंदगी से लेकर उनकी संपत्ति तक, और आईपीएल 2026 से जुड़े विवाद तक, हर चीज को बारीकी से कवर किया जाएगा। अगर आप बेन डकेट के बारे में हर वह जानकारी चाहते हैं जो किसी क्रिकेट फैन को जाननी चाहिए, तो यह लेख आपके लिए ही है।

बेन डकेट का जन्म, परिवार और बचपन

बेन डकेट का जन्म, परिवार और बचपन

बेन मैथ्यू डकेट का जन्म 17 अक्टूबर 1994 को इंग्लैंड के केंट काउंटी के फ़र्नबरो शहर में हुआ था, उनका परिवार क्रिकेट से गहराई से जुड़ा हुआ है। उनके पिता ग्राहम डकेट एक क्लब क्रिकेटर थे और उन्होंने सरे की दूसरी टीम के लिए भी क्रिकेट खेला था। ग्राहम ने बेन को बचपन में ही क्रिकेट से जोड़ दिया था। वह बेन को बगीचे में गेंदबाजी करते थे और उनकी बल्लेबाजी को निखारने के लिए घर पर ही एक छोटी सी पिच भी तैयार कर दी थी। बेन की माँ जेन डकेट भी एक बेहतरीन खिलाड़ी रही हैं, हालाँकि क्रिकेट में नहीं बल्कि लैक्रोस में। उन्होंने ग्रेट ब्रिटेन की लैक्रोस टीम का प्रतिनिधित्व किया था और अपने समय की बेहतरीन लैक्रोस खिलाड़ियों में गिनी जाती थीं। बेन की दो बहनें हैं, मेग और एम्मा। परिवार का यह खेल पृष्ठभूमि बेन के अंदर शुरू से ही प्रतिस्पर्धा और मेहनत की भावना को विकसित करने में मददगार रही।

बेन डकेट ने अपनी शुरुआती पढ़ाई विनचेस्टर हाउस प्रेप स्कूल से की। इसके बाद उन्होंने स्टो स्कूल में दाखिला लिया, जो अपनी खेल सुविधाओं और क्रिकेट अकादमी के लिए जाना जाता है। स्टो स्कूल में ही उनके कोच जेम्स नॉट ने उनकी प्रतिभा को पहचाना। जेम्स नॉट ने बेन के रिवर्स-स्वीप शॉट को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दिलचस्प बात यह है कि बेन ने यह शॉट हॉकी से सीखा था, जिसे उन्होंने क्रिकेट में ढाल लिया। आज यही रिवर्स-स्वीप उनके सबसे काम के हथियारों में से एक है, खासकर स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ।

स्कूल के दिनों में ही बेन डकेट ने अपनी क्षमता का लोहा मनवाना शुरू कर दिया था। उन्होंने विभिन्न आयु वर्ग की टीमों के लिए शानदार प्रदर्शन किया और जल्द ही काउंटी क्रिकेट में अपनी जगह बना ली, उनका कद छोटा जरूर है, लेकिन उनकी बल्लेबाजी में जो आक्रामकता और आत्मविश्वास है, वह उन्हें बड़े खिलाड़ियों के बराबर खड़ा करता है।

बेन डकेट का काउंटी क्रिकेट करियर

बेन डकेट ने अपने काउंटी क्रिकेट करियर की शुरुआत नॉर्थहैम्पटनशायर से की थी, वह सिर्फ 18 साल की उम्र में इस टीम का हिस्सा बने और जल्द ही अपनी बल्लेबाजी से सबका ध्यान अपनी ओर खींचा। 2014 में उन्होंने अपना पहला काउंटी शतक लगाया और तभी से उन्हें आने वाले दिनों का सितारा माना जाने लगा। 2016 का साल बेन डकेट के करियर में मील का पत्थर साबित हुआ। इस साल उन्होंने सभी फॉर्मेट को मिलाकर कुल 2706 रन बनाए। यह आंकड़ा किसी भी युवा बल्लेबाज के लिए बेहद शानदार था। इसी साल वह प्रोफेशनल क्रिकेटर्स एसोसिएशन (पीसीए) के प्लेयर ऑफ द ईयर और यंग प्लेयर ऑफ द ईयर दोनों पुरस्कार जीतने वाले पहले खिलाड़ी बने, यह उपलब्धि अपने आप में बहुत बड़ी थी क्योंकि उनसे पहले किसी भी खिलाड़ी ने एक ही साल में ये दोनों बड़े पुरस्कार नहीं जीते थे।

2016 में डकेट ने पाकिस्तान के खिलाफ चार मैचों की वनडे सीरीज में 181 रन बनाए थे, जिसमें 63 रन की पारी शामिल थी। उन्होंने बांग्लादेश के खिलाफ टी20 सीरीज में भी शानदार प्रदर्शन किया था, 2017 में उन्होंने वेल्श फायर के लिए टी20 ब्लास्ट में खेला और शानदार प्रदर्शन किया। हालाँकि, 2017 में उनका काउंटी करियर थोड़ा डगमगाया जब उन्होंने पाकिस्तानी तेज गेंदबाज मोहम्मद आमिर के खिलाफ एक विवादास्पद टिप्पणी की। इसके बाद उन्होंने नॉर्थहैम्पटनशायर छोड़ दिया और नॉटिंघमशायर का रुख किया, नॉटिंघमशायर के लिए खेलते हुए उन्होंने अपने करियर को फिर से पटरी पर लाया। 2021 में उन्होंने नॉटिंघमशायर के लिए 1370 से अधिक प्रथम श्रेणी रन बनाए, जिसने उन्हें इंग्लैंड टीम में वापसी के लिए तैयार किया।

2022 में उन्होंने द ओवल में खेलते हुए ग्लेमॉर्गन के खिलाफ 187 रनों की शानदार पारी खेली, जिसमें 26 चौके और 3 छक्के शामिल थे। इस पारी ने उनके चयनकर्ताओं का ध्यान फिर से आकर्षित किया और वह जल्द ही इंग्लैंड टीम में वापस आ गए।

बेन डकेट का अंतरराष्ट्रीय करियर

बेन डकेट का अंतरराष्ट्रीय करियर

बेन डकेट ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत 2016 में बांग्लादेश दौरे से की थी। उन्होंने 20 अक्टूबर 2016 को चटगांव में बांग्लादेश के खिलाफ अपना पहला टेस्ट मैच खेला, इसके तुरंत बाद वह भारत दौरे पर भी गए, लेकिन वहाँ उन्हें ज्यादा सफलता नहीं मिली। शुरुआती दौर में उनके प्रदर्शन से न तो वह संतुष्ट थे और न ही चयनकर्ता। नतीजतन, वह अगले छह साल तक इंग्लैंड टीम से बाहर रहे। इन छह सालों में डकेट ने काउंटी क्रिकेट में अपनी बल्लेबाजी को निखारा और अपनी गलतियों से सीखा। उन्होंने अपनी तकनीक में सुधार किया और मानसिक रूप से मजबूत बने। 2022 में “बाजबॉल” युग की शुरुआत हुई, जहाँ इंग्लैंड ने ब्रेंडन मैकुलम की कोचिंग में आक्रामक क्रिकेट खेलना शुरू किया। इस नई सोच ने बेन डकेट के लिए दरवाजे खोल दिए।

• दिसंबर 2022 में पाकिस्तान दौरे पर बेन डकेट को टीम में वापस बुलाया गया। रावलपिंडी में उन्होंने 107 रनों की शानदार पारी खेली और इसके साथ ही उन्होंने अपनी वापसी का शानदार एलान किया, इस पारी में उन्होंने स्पिनरों के खिलाफ अपने रिवर्स-स्वीप और स्कूप शॉट्स का खूब इस्तेमाल किया और सबको चौंका दिया।

• जून 2023 में लॉर्ड्स में आयरलैंड के खिलाफ डकेट ने नाबाद 182 रनों की पारी खेली, जो उनका सर्वोच्च टेस्ट स्कोर है, इस पारी में उन्होंने 180 गेंदों का सामना किया और 25 चौके लगाए। इस पारी के दौरान उन्होंने सर डॉन ब्रैडमैन का 93 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा, जो लॉर्ड्स में सबसे तेज 150 रन बनाने का था, इसके साथ ही वह 1924 के बाद लॉर्ड्स में लंच से पहले 100 रन बनाने वाले पहले बल्लेबाज भी बने।

• फरवरी 2024 में राजकोट में भारत के खिलाफ उन्होंने 153 रनों की पारी खेली। यह पारी और भी खास थी क्योंकि यह भारत की मिट्टी पर, भारत की स्पिन-अनुकूल पिच पर बनाई गई थी। डकेट ने भारतीय स्पिनरों की धुनाई की और इंग्लैंड को एक मजबूत स्थिति में पहुँचाया।

• फरवरी 2025 में चैंपियंस ट्रॉफी के मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ डकेट ने 165 रनों की शानदार पारी खेली, यह चैंपियंस ट्रॉफी के इतिहास में किसी भी बल्लेबाज का सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर है, इस पारी की बदौलत इंग्लैंड ने टूर्नामेंट के इतिहास में सबसे बड़ा टीम स्कोर (351/8) बनाया।

• जून 2025 में हेडिंग्ले में भारत के खिलाफ उन्होंने 149 रनों की पारी खेली, जिसने इंग्लैंड को 371 रनों के लक्ष्य का पीछा करने में मदद की, यह 2010 के बाद इंग्लैंड की ओर से चौथी पारी में बना पहला शतक था, इस पारी के दम पर उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया, पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने उन्हें “दुनिया का सबसे अच्छा ऑल-फॉर्मेट ओपनर” करार दिया।

• हालाँकि, 2025-26 की एशेज सीरीज डकेट के लिए बहुत निराशाजनक रही, इस दौरान एक वायरल वीडियो में वह नशे की हालत में नजर आए, जिससे काफी विवाद हुआ, इसके बावजूद, जून 2026 में न्यूजीलैंड के खिलाफ ट्रेंट ब्रिज में उन्होंने 99 गेंदों पर 113 रनों की पारी खेलकर वापसी की और साबित किया कि वह अभी भी इस फॉर्मेट के बेहतरीन बल्लेबाजों में से एक हैं।

बेन डकेट की हाइट

बेन डकेट की हाइट

बेन डकेट की हाइट 5 फीट 7 इंच है, जो लगभग 170 सेंटीमीटर के बराबर होती है, क्रिकेट की दुनिया में वह छोटे कद के बल्लेबाजों में गिने जाते हैं। उनकी हाइट की तुलना अक्सर उनके साथी ओपनर जैक क्रॉली से की जाती है, जो 6 फीट 5 इंच के हैं। इन दोनों के बीच लगभग 10 इंच का अंतर है, जो मैदान पर बहुत स्पष्ट दिखता है। दिलचस्प बात यह है कि डकेट ने जिम्बाब्वे के तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजाराबानी (6 फीट 8 इंच) से पैड भी बदले थे, जिसके बाद वह मजाक में कहते थे कि मुजाराबानी के पैड उनके लिए पूरे शरीर की ढाल बन गए।

डकेट ने अपनी ऊंचाई को कभी अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। उन्होंने कई बार मजाक में कहा है कि उन्हें अपने कद से कोई परेशानी नहीं है और वह जानते हैं कि क्रिकेट में कद नहीं बल्कि तकनीक और दिमाग काम आता है, उनकी ऊंचाई वास्तव में उनके बल्लेबाजी अंदाज का एक अहम हिस्सा है, यह उन्हें कम गेंदों के नीचे झुकने में मदद करती है और स्पिनरों के खिलाफ स्वीप शॉट खेलने में आसानी होती है, उनकी बल्लेबाजी तकनीक इस कद के साथ पूरी तरह से तालमेल बिठाती है, जिससे वह एक खतरनाक बल्लेबाज बनते हैं।

बेन डकेट की उम्र

बेन डकेट का जन्म 17 अक्टूबर 1994 को हुआ था और साल 2026 में उनकी उम्र 31 साल हो गई है, यह उम्र किसी भी क्रिकेटर के लिए सबसे अच्छी मानी जाती है क्योंकि इस दौरान खिलाड़ी अपने करियर के चरम पर होता है। उनके पास अनुभव भी है और फिटनेस भी, जो उन्हें आने वाले कई सालों तक इंग्लैंड की बल्लेबाजी की रीढ़ बनाए रखेगा, 31 साल की उम्र में उन्होंने पहले ही 6 टेस्ट शतक और 3 वनडे शतक अपने नाम कर लिए हैं, आने वाले समय में उनसे और भी बड़ी उपलब्धियों की उम्मीद है। अगर वह अपनी फिटनेस और फॉर्म बरकरार रखते हैं, तो वह आसानी से 40 से अधिक टेस्ट शतक लगा सकते हैं और इंग्लैंड के महानतम बल्लेबाजों में शुमार हो सकते हैं।

बेन डकेट के सेंचुरी

बेन डकेट के सेंचुरी

बेन डकेट के नाम कई शानदार शतक हैं, जिनमें टेस्ट और वनडे फॉर्मेट में उनके बेहतरीन प्रदर्शन शामिल हैं।

टेस्ट सेंचुरी

• बेन डकेट के नाम 6 टेस्ट शतक हैं, उनका सर्वोच्च टेस्ट स्कोर 182 रन है, जो उन्होंने 2023 में लॉर्ड्स में आयरलैंड के खिलाफ बनाया था, उनके अन्य टेस्ट शतक इस प्रकार हैं:

• 2022 में पाकिस्तान के खिलाफ रावलपिंडी में 107 रन, यह उनकी वापसी पारी थी, जिसने उनके करियर को नई दिशा दी, इस पारी के बाद ही उन्होंने अपनी जगह पक्की कर ली।

• 2024 में भारत के खिलाफ राजकोट में 153 रन, यह पारी विशेष रूप से खास थी क्योंकि यह भारत की मिट्टी पर आई और उसमें स्पिनरों के खिलाफ उनके शानदार शॉट्स देखने को मिले।

• 2024 में मुल्तान में पाकिस्तान के खिलाफ 114 रन, हालाँकि यह पारी हार में आई, लेकिन उनकी बल्लेबाजी काबिल-ए-तारीफ थी।

• 2025 में भारत के खिलाफ हेडिंग्ले में 149 रन, इस पारी ने इंग्लैंड को 371 रनों के लक्ष्य का पीछा करने में मदद की और उनकी बड़े मौके पर प्रदर्शन की क्षमता को साबित किया।

• 2026 में न्यूजीलैंड के खिलाफ ट्रेंट ब्रिज में 113 रन, एशेज में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद यह वापसी पारी थी, जिसने साबित किया कि वह अभी भी इस फॉर्मेट के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में से एक हैं। दिलचस्प बात यह है कि यह 88 गेंदों में बनाया गया था, और यह एशेज के बाद 12 महीने में उनका पहला शतक था।

वनडे सेंचुरी

बेन डकेट के नाम 3 वनडे शतक हैं, उनका सर्वोच्च वनडे स्कोर 165 रन है, जो उन्होंने 2025 चैंपियंस ट्रॉफी में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बनाया था, यह चैंपियंस ट्रॉफी के इतिहास का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर है, जो अपने आप में एक विश्व रिकॉर्ड है।

टी20 इंटरनेशनल

हालाँकि बेन डकेट टी20 इंटरनेशनल में कोई शतक नहीं लगा पाए हैं, लेकिन इस फॉर्मेट में उनका स्ट्राइक रेट शानदार है। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी और तेज रन बनाने की क्षमता ने उन्हें टी20 टीम का भी अहम हिस्सा बना दिया है।

बेन डकेट की बल्लेबाजी तकनीक

बेन डकेट की बल्लेबाजी तकनीक और खास शॉट्स

बेन डकेट की बल्लेबाजी में सबसे खास बात है उनका आक्रामक अंदाज और स्पिनरों के खिलाफ उनका शानदार खेल, वह स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ रिवर्स-स्वीप और स्कूप शॉट्स का बखूबी इस्तेमाल करते हैं, ये शॉट्स उन्होंने हॉकी से सीखे थे, जो उनके क्रिकेट कौशल का एक अनोखा हिस्सा है, डकेट की बल्लेबाजी की एक और खासियत है उनका स्ट्राइक रोटेशन। वह कभी भी स्कोरिंग को रुकने नहीं देते और हर गेंद पर रन बनाने की कोशिश करते हैं। उनकी फुटवर्क बेहद तेज है और वह लेंथ गेंदों को खेलने में माहिर हैं। उनकी आंखों की रोशनी और रिएक्शन टाइम भी उन्हें तेज गेंदबाजी के खिलाफ मदद करता है।

डकेट की एक और खासियत यह है कि वह शायद ही कभी गेंद को छोड़ते हैं, वह हर गेंद पर खेलने और रन बनाने की कोशिश करते हैं, यही कारण है कि वह “बाजबॉल” के लिए बिल्कुल उपयुक्त हैं। ब्रेंडन मैकुलम ने उनके बारे में कहा है कि उनकी मानसिकता हमेशा गेंदबाज पर हावी होने की होती है, डकेट की कमजोरियों में से एक है उनकी शॉर्ट गेंदों के खिलाफ संघर्ष। उनके छोटे कद के कारण उन्हें बाउंसर खेलने में कठिनाई होती है, और कई टीमें इसी कमजोरी का फायदा उठाने की कोशिश करती हैं। हालाँकि, उन्होंने इस पर भी काम किया है और हाल के दिनों में शॉर्ट गेंदों के खिलाफ भी काफी सुधार दिखाया है।

बेन डकेट की नेट वर्थ

बेन डकेट की कुल संपत्ति (नेट वर्थ) का अनुमान विभिन्न स्रोतों में अलग-अलग है, लेकिन मोटे तौर पर यह लगभग 3 से 4 मिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 25-30 करोड़ रुपये) के बीच माना जाता है। हालाँकि, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि यह आंकड़ा सार्वजनिक रूप से सत्यापित नहीं है और अनुमानों पर आधारित है।

बेन डकेट की इनकम के मुख्य स्रोत निम्नलिखित हैं:

इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड (ECB) सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट: 2023 में ECB ने उन्हें दो साल का सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट दिया था और मई 2025 में उन्होंने नॉटिंघमशायर के साथ दो साल का विस्तार किया, इस कॉन्ट्रैक्ट के तहत उन्हें सालाना कई लाख पाउंड की राशि मिलती है, जो उनकी आमदनी का सबसे बड़ा हिस्सा है।

टीम से मिलने वाली फीस: टेस्ट, वनडे और टी20 मैच खेलने के लिए उन्हें अलग-अलग फीस मिलती है, जो हर फॉर्मेट के हिसाब से बदलती है।

ब्रांड एंडोर्समेंट: बेन डकेट कुछ बड़े ब्रांड्स के साथ जुड़े हुए हैं, हालाँकि उनके एंडोर्समेंट डील्स के बारे में बहुत कम जानकारी सार्वजनिक है।

लीग क्रिकेट: उन्होंने बिग बैश लीग (BBL) में ब्रिसबेन हीट और मेलबर्न स्टार्स के लिए भी खेला है।

बेन डकेट की पत्नी और निजी जीवन

बेन डकेट की पत्नी और निजी जीवन

बेन डकेट की पत्नी का नाम पेज ओगबोर्न है, जो एक प्रोफेशनल मॉडल हैं, पेज मूल रूप से नॉटिंघम की रहने वाली हैं। बेन और पेज की मुलाकात 2018 में हुई थी और दोनों के बीच जल्द ही अच्छी दोस्ती हो गई, जो बाद में प्यार में बदल गई, दोनों ने दिसंबर 2023 में सगाई की  और 2025 की गर्मियों में शादी कर ली। इस शादी में परिवार के करीबी सदस्यों और क्रिकेट जगत के कुछ दोस्तों को ही बुलाया गया था। बेन डकेट ने अपनी शादी के बारे में बहुत ज्यादा सार्वजनिक चर्चा नहीं की और अपनी निजी जिंदगी को प्राइवेट ही रखना पसंद किया है।

जुलाई 2024 में इस जोड़े ने अपनी पहली बेटी, मार्गोट मैबेल मिनी डकेट का स्वागत किया, बेन डकेट के लिए यह उनके जीवन का एक बहुत बड़ा पल था। उन्होंने कई इंटरव्यू में कहा है कि पितृत्व ने उनके जीवन को पूरी तरह से बदल दिया है। अब वह क्रिकेट से दूर समय अपनी बेटी और पत्नी के साथ बिताते हैं, जो उन्हें क्रिकेट के तनाव से दूर रखने में मदद करता है, बेन डकेट का परिवार उनके करियर में बहुत सहायक रहा है। उनकी पत्नी पेज अक्सर उनके मैच देखने आती हैं और उन्हें हर संभव सहयोग देती हैं। बेन डकेट ने कहा है कि उनके परिवार का साथ ही उन्हें मुश्किल समय में भी मजबूत बनाए रखता है।

बेन डकेट और IPL 2026

बेन डकेट और IPL 2026

बेन डकेट का IPL 2026 के साथ एक दिलचस्प और विवादास्पद किस्सा जुड़ा है। नवंबर 2025 में हुई IPL 2026 की मेगा नीलामी में बेन डकेट का नाम 2 करोड़ रुपये की बेस प्राइस पर शामिल था। दिल्ली कैपिटल्स ने उन्हें इस बेस प्राइस पर खरीदा, यह खबर क्रिकेट फैंस के बीच काफी चर्चा का विषय बनी, क्योंकि बेन डकेट अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं और IPL में उनका प्रदर्शन देखना सभी को उत्सुक था।

हालाँकि, मार्च 2026 में IPL 2026 शुरू होने से कुछ महीने पहले बेन डकेट ने अपना नाम इस टूर्नामेंट से वापस ले लिया, उन्होंने इस फैसले के पीछे इंग्लैंड के घरेलू सीजन पर ध्यान केंद्रित करने की बात कही, जिसमें जून में न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन टेस्ट, जुलाई में भारत के खिलाफ पांच टी20 और तीन वनडे, और अगस्त-सितंबर में पाकिस्तान के खिलाफ तीन टेस्ट शामिल थे, उन्होंने कहा कि उनका मानना है कि इंग्लैंड के लिए खेलना उनकी पहली प्राथमिकता है और IPL में जाने से उनके टेस्ट करियर पर असर पड़ सकता है 

“मैंने IPL से हटने का बहुत मुश्किल फैसला लिया है। मैंने इस बारे में बहुत सोचा है और यह कोई आसान विकल्प नहीं है। इंग्लैंड का प्रतिनिधित्व करना कुछ ऐसा है जो मैंने बचपन से सपना देखा था, और मैं अंग्रेजी क्रिकेट को अपना सब कुछ देना चाहता हूँ। ऐसा करने के लिए, मुझे यह सुनिश्चित करना होगा कि मैं गर्मियों से पहले शारीरिक और मानसिक रूप से सबसे अच्छी स्थिति में हूँ,” बेन डकेट ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में कहा।

उन्होंने दिल्ली कैपिटल्स और उनके फैंस से माफी भी मांगी, “मैं दिल्ली के सभी लोगों से ईमानदारी से माफी माँगना चाहता हूँ। मैं वास्तव में इस फ्रैंचाइज़ी का प्रतिनिधित्व करने के अवसर को लेकर बहुत उत्साहित था, और मैं एक टीम बनाने में लगने वाले समय और योजना की पूरी तरह सराहना करता हूँ। मुझे खेद है कि मेरे फैसले से कोई रुकावट आ सकती है। मैं सभी फैंस से भी माफी माँगना चाहता हूँ क्योंकि मुझे पता है कि दिल्ली में सभी के लिए इसका कितना मतलब है,” उन्होंने कहा।

बीसीसीआई (BCCI) के नियमों के अनुसार, अगर कोई खिलाड़ी नीलामी में खरीदे जाने के बाद बिना किसी वैध कारण के IPL से अपना नाम वापस लेता है, तो उस पर अगले दो सीजन के लिए IPL में खेलने पर प्रतिबंध लगाया जाता है। इसका मतलब है कि बेन डकेट IPL 2027 और IPL 2028 में नहीं खेल पाएंगे। वह IPL 2029 में ही वापसी कर सकते हैं। इस फैसले से दिल्ली कैपिटल्स को भी काफी निराशा हुई, क्योंकि उन्होंने डकेट को अपनी टीम का अहम हिस्सा माना था। बाद में दिल्ली कैपिटल्स ने उनके स्थान पर इंग्लैंड के लेग स्पिनर रहान अहमद को 75 लाख रुपये में शामिल किया।

बेन डकेट के इस फैसले पर क्रिकेट जगत में अलग-अलग प्रतिक्रियाएँ आईं। कुछ विशेषज्ञों ने उनके इस फैसले की सराहना की और कहा कि उन्होंने अपने टेस्ट करियर को प्राथमिकता देते हुए सही निर्णय लिया। वहीं, कुछ ने इसे IPL के बड़े मंच को गँवाने का मौका बताया।

बेन डकेट ने अपनी मेहनत और बल्लेबाजी के जुनून से क्रिकेट की दुनिया में एक अलग पहचान बनाई है। छोटे कद और शुरुआती असफलताओं के बावजूद , उन्होंने खुद को इंग्लैंड की टीम का अहम हिस्सा साबित किया है, उनकी आक्रामक बल्लेबाजी, खासकर स्पिन के खिलाफ रिवर्स स्वीप और स्कूप जैसे शॉट्स, उन्हें बाकी बल्लेबाजों से अलग बनाते हैं। 2016 में डेब्यू करने के बाद छह साल तक टीम से बाहर रहने के बावजूद , डकेट ने हार नहीं मानी और काउंटी क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करते रहे, जब 2022 में उन्हें टीम में वापस बुलाया गया, तो उन्होंने दोनों हाथों से इस मौके को जब्त किया, पाकिस्तान में 107 रन , भारत में 153 रन , लॉर्ड्स में 182 रन , चैंपियंस ट्रॉफी में 165 रन, ये सभी पारियाँ उनकी क्षमता और प्रतिभा का सबूत हैं।

हालाँकि, 2025-26 की एशेज सीरीज उनके लिए बहुत निराशाजनक रही, और IPL 2026 से बाहर होने का फैसला भी चुनौतीपूर्ण था , लेकिन उन्होंने जून 2026 में न्यूजीलैंड के खिलाफ 113 रन की शतकीय पारी खेलकर वापसी कर ली, इस पारी के बाद उन्होंने खुलासा किया कि उन्होंने सर्दियों के बाद 5-6 किलोग्राम वजन कम किया था और अपनी फिटनेस पर कड़ी मेहनत की थी, जिसका फल उन्हें ट्रेंट ब्रिज की गर्मी में मिला।

बेन डकेट का निजी जीवन भी संतुलित है, उनकी पत्नी पेज ओगबोर्न और बेटी मार्गोट उनके करियर में एक मजबूत सपोर्ट सिस्टम हैं। पितृत्व ने उनके जीवन में एक सकारात्मक बदलाव लाया है, आने वाले वर्षों में, बेन डकेट इंग्लैंड की बल्लेबाजी की रीढ़ बने रहेंगे। उनके पास अभी कई सालों का क्रिकेट बाकी है और उनसे बड़ी उपलब्धियों की उम्मीद है। चाहे वह टेस्ट हो, वनडे हो या टी20, डकेट हर फॉर्मेट में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से दर्शकों का मनोरंजन करते रहेंगे। वह निस्संदेह इंग्लैंड क्रिकेट के भविष्य के प्रमुख चेहरों में से एक हैं।

Author

  • इसरत फातिमा 7 वर्षों के अनुभव वाली एक पेशेवर पत्रकार और कंटेंट राइटर हैं। वह राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय समाचार, राजनीति, व्यवसाय, शेयर बाजार, क्रिप्टोकरेंसी, प्रौद्योगिकी, शिक्षा, स्वास्थ्य, मनोरंजन और सरकारी योजनाओं सहित विभिन्न विषयों पर शोध-आधारित लेख लिखती हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय जानकारी सरल भाषा में पहुँचाना है।