भोपाल नगर निगम में प्रॉपर्टी टैक्स का बड़ा घोटाला, 460 खाते संदिग्ध, 10 करोड़ से अधिक का नुकसान

भोपाल नगर निगम के प्रॉपर्टी टैक्स रिकॉर्ड के ऑडिट में बड़ी अनियमितताएं सामने आई हैं। 460 से अधिक खाते संदिग्ध पाए गए हैं। जांच में संपत्तियों का क्षेत्रफल घटाकर टैक्स कम करने और बिना पैसा जमा हुए रसीदें काटने के मामले सामने आए हैं। पांच साल के रिकॉर्ड की जांच में निगम को 10 करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान होने की आशंका है।

ऑडिट में खुली गड़बड़ियां

भोपाल नगर निगम के प्रॉपर्टी टैक्स रिकॉर्ड की जांच में फर्जीवाड़े के कई मामले सामने आए हैं। निगम के टैक्स रिकॉर्ड के ऑडिट में 460 से अधिक संदिग्ध खाते मिले हैं। जांच में पता चला है कि टैक्स कम करने के लिए संपत्तियों का क्षेत्रफल रिकॉर्ड में बदला गया। इसके अलावा कुछ मामलों में निगम के खाते में रकम जमा होने से पहले ही टैक्स जमा होने की रसीदें जारी कर दी गईं। वर्ष 2020 से 2025 तक सभी 85 वार्डों के प्रॉपर्टी टैक्स रिकॉर्ड की पूरी जांच हुई तो निगम को हुए नुकसान का आंकड़ा 10 करोड़ रुपए से अधिक पहुंच सकता है।

इन वार्डों में सबसे अधिक खाते संदिग्ध

ऑडिट में सबसे अधिक गड़बड़ी जोन-1 के वार्ड-3 में सामने आई है। यहां करीब 130 प्रॉपर्टी टैक्स खाते संदिग्ध मिले हैं। इसके अलावा जोन-2, 6, 7, 10, 13 और 17 में भी टैक्स रिकॉर्ड में गड़बड़ियां सामने आई हैं। आशंका है कि संपत्ति का टैक्स तय करने से लेकर रिकॉर्ड में बदलाव तक सुनियोजित तरीके से खेल किया गया।

35 हजार वर्गफीट का स्कूल बना 5500 वर्गफीट

जोन-2 के वार्ड-10 स्थित ईदगाह हिल्स के एक निजी स्कूल का मामला ऑडिट में सामने आया है। स्कूल की संपत्ति का क्षेत्रफल रिकॉर्ड में करीब 35 हजार वर्गफीट था। आरोप है कि इसे घटाकर करीब 5500 वर्गफीट कर दिया गया। क्षेत्रफल घटते ही स्कूल का प्रॉपर्टी टैक्स 7 लाख 71 हजार रुपए से कम होकर करीब 1 लाख 9 हजार रुपए रह गया। सिर्फ रिकॉर्ड में क्षेत्रफल बदलने से टैक्स में 6 लाख रुपए से अधिक की कमी हो गई। इस मामले में संबंधित जोनल अधिकारी और कंप्यूटर ऑपरेटर की भूमिका की जांच की जा रही है।

बिना पैसा जमा हुए कटीं 106 रसीदें

जोन-2 के वार्ड-33 में फर्जी टैक्स रसीदों का मामला सामने आया। जांच में पता चला कि 14 लाख 69 हजार रुपए की 106 प्रॉपर्टी टैक्स रसीदें जारी की गईं, लेकिन यह रकम नगर निगम के खाते में जमा ही नहीं हुई। जांच में शिराज-उल-हक और मोहम्मद समीर पर वार्ड प्रभारी की यूजर आईडी और पासवर्ड का इस्तेमाल कर रसीदें बनाने का आरोप सामने आया। निगम ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

राजस्व विभाग ने शुरू की जांच

नगर निगम का राजस्व विभाग अब सभी 460 से अधिक संदिग्ध खातों की जांच कर रहा है। यह पता लगाया जा रहा है कि रिकॉर्ड किसने बदले, टैक्स किस स्तर पर कम किया गया और इससे निगम को कितने रुपए का नुकसान हुआ। सबसे बड़ा सवाल यह है कि अलग-अलग जोन में एक जैसी गड़बड़ियां अधिकारियों की जानकारी के बिना कैसे होती रहीं।

निगम कमिश्नर ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी

नगर निगम कमिश्नर संस्कृति जैन ने कहा कि जहां भी रिकॉर्ड में गड़बड़ी या निगम के राजस्व को नुकसान पहुंचाने की पुष्टि होगी, संबंधित अधिकारी और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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  • इसरत फातिमा 7 वर्षों के अनुभव वाली एक पेशेवर पत्रकार और कंटेंट राइटर हैं। वह राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय समाचार, राजनीति, व्यवसाय, शेयर बाजार, क्रिप्टोकरेंसी, प्रौद्योगिकी, शिक्षा, स्वास्थ्य, मनोरंजन और सरकारी योजनाओं सहित विभिन्न विषयों पर शोध-आधारित लेख लिखती हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय जानकारी सरल भाषा में पहुँचाना है।