फॉर्मूला 1 की दुनिया में हर साल कुछ नया होता है, लेकिन स्प्रिंट रेस ने पूरे रेस वीकेंड का अनुभव ही बदल दिया है। 2021 में शुरू हुई यह छोटी और तेज़ रेस अब F1 का अहम हिस्सा बन चुकी है, और 2026 में यह और भी रोमांचक हो गई है। आइए जानते हैं कि आखिर यह स्प्रिंट रेस क्या है, कैसे काम करती है, और क्यों यह हर F1 फैन के लिए जानना ज़रूरी है।
F1 स्प्रिंट रेस क्या है और इसकी शुरुआत कैसे हुई?
F1 स्प्रिंट रेस एक छोटी दूरी की रेस है, जो लगभग 100 किलोमीटर (करीब 62 मील) की होती है। यह सामान्य ग्रां प्री रेस की दूरी का लगभग एक-तिहाई होती है और इसमें पिट स्टॉप की कोई बाध्यता नहीं होती। इसका मुख्य उद्देश्य रेस वीकेंड में अतिरिक्त एक्शन और उत्साह जोड़ना है, ताकि दर्शकों को सिर्फ रविवार की मुख्य रेस के अलावा शनिवार को भी प्रतिस्पर्धी रेसिंग देखने को मिले।
स्प्रिंट रेस की शुरुआत 2021 में हुई थी, जब इसे पहली बार F1 कैलेंडर में शामिल किया गया। शुरुआत में यह सिर्फ तीन रेस वीकेंड तक सीमित थी, लेकिन इसकी लोकप्रियता के कारण इसे बढ़ाया गया। 2022 से 2025 तक यह छह रेस वीकेंड पर आयोजित होती रही, और 2026 में भी यह संख्या छह ही बनी हुई है। हालांकि, चर्चा है कि 2027 में इसे 10 से 12 रेस वीकेंड तक बढ़ाया जा सकता है।
स्प्रिंट रेस का फॉर्मेट पिछले कुछ वर्षों में कई बार बदला है। 2021 में, स्प्रिंट रेस का विजेता आधिकारिक तौर पर “पोल पोजीशन” हासिल करता था, लेकिन यह बदलाव अलोकप्रिय साबित हुआ क्योंकि इससे पारंपरिक क्वालीफाइंग के महत्व को कम कर दिया गया था। 2022 से, ग्रां प्री क्वालीफाइंग में तेज़तर्रार ड्राइवर को ही आधिकारिक तौर पर पोल पोजीशन के रूप में मान्यता दी जाने लगी। 2023 से, स्प्रिंट रेस अब मुख्य रेस के ग्रिड को निर्धारित नहीं करती, बल्कि इसकी अपनी अलग क्वालीफाइंग होती है।

2026 में F1 स्प्रिंट रेस वीकेंड का फॉर्मेट क्या है?
2026 के स्प्रिंट वीकेंड का फॉर्मेट पिछले साल की तरह ही है, लेकिन कुछ महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं। सबसे बड़ा बदलाव यह है कि 2026 में ग्रिड पर 11 टीमें और 22 ड्राइवर हैं, इसलिए क्वालीफाइंग और स्प्रिंट क्वालीफाइंग दोनों में अब हर सेशन में 6 ड्राइवर बाहर हो जाते हैं, न कि 5।
स्प्रिंट वीकेंड में पारंपरिक रेस वीकेंड की तुलना में कम प्रैक्टिस सेशन होते हैं। 2026 के स्प्रिंट वीकेंड की शुरुआत शुक्रवार को एकमात्र प्रैक्टिस सेशन (FP1) के साथ होती है, जिसके बाद स्प्रिंट क्वालीफाइंग होती है। मियामी में इस प्रैक्टिस सेशन को 90 मिनट तक बढ़ाया गया था ताकि टीमों को नए नियमों के अनुसार कारों को समायोजित करने का अधिक समय मिल सके।
शनिवार को सुबह स्प्रिंट रेस होती है, जो करीब 30 मिनट तक चलती है। इसके बाद दोपहर में ग्रां प्री क्वालीफाइंग होती है, जो रविवार की मुख्य रेस के ग्रिड को तय करती है। रविवार को पारंपरिक ग्रां प्री रेस होती है, जो पूरी दूरी की होती है और इसमें पिट स्टॉप की आवश्यकता होती है।
स्प्रिंट क्वालीफाइंग (Sprint Qualifying)
स्प्रिंट क्वालीफाइंग, जिसे पहले “स्प्रिंट शूटआउट” कहा जाता था, शुक्रवार को होती है और यह शनिवार की स्प्रिंट रेस के ग्रिड को तय करती है। यह पारंपरिक क्वालीफाइंग की तरह तीन सेशन में होती है, लेकिन इसकी अवधि कम होती है।
पहला सेशन SQ1 12 मिनट का होता है, जिसमें सभी 22 ड्राइवर मीडियम टायर का उपयोग करते हैं और 6 सबसे धीमे ड्राइवर बाहर हो जाते हैं। दूसरा सेशन SQ2 10 मिनट का होता है, जिसमें 16 ड्राइवर मीडियम टायर का उपयोग करते हैं और 6 सबसे धीमे ड्राइवर बाहर हो जाते हैं। तीसरा सेशन SQ3 8 मिनट का होता है, जिसमें 10 ड्राइवर सॉफ्ट टायर का उपयोग करते हैं और यह पहली 10 स्थानों के लिए स्प्रिंट ग्रिड तय करता है।
पार्क फरमे (Parc Fermé) नियम
2026 में दो पार्क फरमे डेडलाइन हैं। पहली डेडलाइन स्प्रिंट क्वालीफाइंग से पहले लागू होती है और पूरे स्प्रिंट रेस तक जारी रहती है, जिससे टीमें इस दौरान कार में बड़े बदलाव नहीं कर सकतीं। दूसरी डेडलाइन शनिवार की ग्रां प्री क्वालीफाइंग से पहले लागू होती है और रविवार की रेस तक जारी रहती है।
हालांकि, स्प्रिंट रेस और ग्रां प्री क्वालीफाइंग के बीच टीमें कार की सेटिंग में बदलाव कर सकती हैं। इससे इंजीनियरों को स्प्रिंट में प्राप्त डेटा का उपयोग करके लंबी ग्रां प्री के लिए रणनीति बनाने का अवसर मिलता है।
F1 स्प्रिंट रेस में कितने अंक मिलते हैं?
स्प्रिंट रेस में शीर्ष 8 ड्राइवरों को अंक दिए जाते हैं। स्प्रिंट रेस का विजेता 8 अंक प्राप्त करता है, दूसरे स्थान पर आने वाले को 7 अंक, तीसरे को 6 अंक, चौथे को 5 अंक, पांचवें को 4 अंक, छठे को 3 अंक, सातवें को 2 अंक, और आठवें स्थान पर आने वाले ड्राइवर को 1 अंक मिलता है।
स्प्रिंट रेस में सबसे तेज़ लैप के लिए कोई अतिरिक्त अंक नहीं दिया जाता। स्प्रिंट रेस के शीर्ष 3 ड्राइवरों को पार्क फरमे में एक प्लाक दिया जाता है, लेकिन इसे आधिकारिक F1 पोडियम नहीं माना जाता है, न ही स्प्रिंट रेस जीतना ग्रां प्री जीत के बराबर होता है। ये अंक ड्राइवर्स चैंपियनशिप में जोड़े जाते हैं और लंबे सीजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

2026 में कहाँ-कहाँ होंगी F1 स्प्रिंट रेस?
2026 में F1 कैलेंडर में 6 स्प्रिंट रेस वीकेंड हैं। इस साल तीन नए सर्किट स्प्रिंट रेस की मेजबानी करेंगे, जबकि एक पुराना सर्किट वापस आ रहा है। चीनी ग्रां प्री का आयोजन 13 से 15 मार्च तक शंघाई सर्किट पर होगा। यह लगातार तीसरे साल स्प्रिंट रेस की मेजबानी कर रहा है और 2026 में इसका विजेता जॉर्ज रसेल रहे। मियामी ग्रां प्री 1 से 3 मई तक मियामी सर्किट पर आयोजित होगी, जहाँ 2026 में लैंडो नॉरिस ने जीत दर्ज की। कनाडाई ग्रां प्री 22 से 24 मई तक मॉन्ट्रियल सर्किट पर होगी, जो पहली बार स्प्रिंट रेस की मेजबानी करेगा।
ब्रिटिश ग्रां प्री 3 से 5 जुलाई तक सिल्वरस्टोन सर्किट पर आयोजित होगी, जो 2021 के बाद पहली बार स्प्रिंट कैलेंडर में वापस आई है। डच ग्रां प्री 21 से 23 अगस्त तक ज़ैंडवूर्ट सर्किट पर होगी, जो पहली बार स्प्रिंट रेस की मेजबानी करेगा। सिंगापुर ग्रां प्री 9 से 11 अक्टूबर तक मरीना बे सर्किट पर आयोजित होगी, जो भी पहली बार स्प्रिंट रेस की मेजबानी करेगा। पिछले वर्षों की तुलना में, बेल्जियम, ऑस्टिन (USA), ब्राज़ील और कतर ने अपने स्प्रिंट रेस वीकेंड खो दिए हैं। कनाडा, नीदरलैंड, और सिंगापुर पहली बार इस फॉर्मेट का अनुभव करेंगे, जबकि सिल्वरस्टोन 2021 में पहली बार हुई स्प्रिंट रेस के बाद वापस आया है।
F1 स्प्रिंट रेस: टायर नियम और अन्य महत्वपूर्ण बातें
स्प्रिंट वीकेंड में टायरों का आवंटन भी अलग होता है। टीमों को सामान्य रेस वीकेंड के 13 सेट की तुलना में 12 सेट टायर मिलते हैं। स्प्रिंट क्वालीफाइंग के दौरान, ड्राइवरों को मीडियम और सॉफ्ट टायर का निर्धारित तरीके से उपयोग करना होता है – SQ1 और SQ2 में मीडियम, और SQ3 में सॉफ्ट। स्प्रिंट रेस और ग्रां प्री में टायरों की कोई बाध्यता नहीं होती।
स्प्रिंट रेस 100 किमी की दूरी तय करती है, और क्योंकि यह इतनी छोटी होती है, इसमें पिट स्टॉप की कोई आवश्यकता नहीं होती, सिवाय टायर पंचर या मौसम में बदलाव के। रेस के लिए 1 घंटे की समय सीमा होती है, इसलिए अगर सेफ्टी कार या अन्य कारणों से रेस को रोका जाता है तो वह निर्धारित समय से पहले समाप्त हो सकती है। स्प्रिंट रेस जिन सर्किट्स पर होती है, उन्हें इस तरह चुना जाता है कि वहाँ ओवरटेकिंग की अच्छी संभावना हो, जिससे शुरू से अंत तक आक्रामक ड्राइविंग को प्रोत्साहन मिलता है।

F1 स्प्रिंट रेस क्यों महत्वपूर्ण है?
स्प्रिंट रेस ने F1 रेस वीकेंड को और अधिक रोमांचक बना दिया है। यह प्रशंसकों को एक अतिरिक्त प्रतिस्पर्धी सेशन देता है जिसमें रेस जैसा एक्शन होता है, न कि सिर्फ प्रैक्टिस सेशन। स्प्रिंट रेस में मिलने वाले अंक चैंपियनशिप में किसी भी टीम या ड्राइवर के लिए निर्णायक साबित हो सकते हैं। स्प्रिंट रेस ने टीमों और ड्राइवरों के लिए नई चुनौतियाँ भी पैदा की हैं। सिर्फ एक प्रैक्टिस सेशन के साथ, उनके पास कार को सही सेटिंग देने के लिए बहुत कम समय होता है, जिससे अप्रत्याशित परिणाम सामने आते हैं। यह शुक्रवार से ही प्रतिस्पर्धा को बढ़ा देता है और पूरे वीकेंड में दबाव बना रहता है।
F1 स्प्रिंट रेस के अब तक के रिकॉर्ड और आँकड़े
स्प्रिंट रेस के इतिहास में मैक्स वेरस्टैपेन का दबदबा रहा है। Red Bull Racing के इस ड्राइवर ने अब तक 13 स्प्रिंट रेस जीती हैं, जो किसी भी अन्य ड्राइवर से कहीं अधिक हैं। मैकलेरन के लैंडो नॉरिस चार स्प्रिंट जीत के साथ दूसरे स्थान पर हैं। ऑस्कर पियास्त्री ने तीन स्प्रिंट जीती हैं, जबकि जॉर्ज रसेल और वाल्टेरी बोटास ने दो-दो स्प्रिंट जीती हैं। टीमों की बात करें तो Red Bull Racing 14 स्प्रिंट जीत के साथ सबसे सफल टीम है। इसके बाद मैकलेरन (7 स्प्रिंट जीत) और मर्सिडीज़ (6 स्प्रिंट जीत) का स्थान है। 2026 सीज़न में अब तक जॉर्ज रसेल और लैंडो नॉरिस ने एक-एक स्प्रिंट जीती है।

F1 स्प्रिंट रेस का भविष्य
स्प्रिंट रेस की लोकप्रियता को देखते हुए, FIA और F1 प्रशासन इसे और बढ़ाने पर विचार कर रहे हैं। 2027 में स्प्रिंट रेस वीकेंड की संख्या बढ़कर 10 से 12 हो सकती है। हालांकि, सभी सर्किट स्प्रिंट रेस के लिए उपयुक्त नहीं हैं, क्योंकि इसके लिए ओवरटेकिंग की अच्छी संभावना वाले ट्रैक चाहिए होते हैं। F1 की कोशिश है कि स्प्रिंट रेस को इस तरह विकसित किया जाए कि यह दर्शकों के लिए और अधिक रोमांचक बने, बिना पारंपरिक ग्रां प्री के महत्व को कम किए।
2027 में संभावित बड़े बदलाव
2027 में सिर्फ स्प्रिंट रेस की संख्या ही नहीं बढ़ेगी, बल्कि पूरे रेस वीकेंड का फॉर्मेट बदल सकता है। F1 हर दिन को “प्रासंगिक” बनाना चाहता है, जिसमें शुक्रवार को भी कोई प्रतिस्पर्धी सेशन जोड़ा जा सकता है, डोमेनिकली के अनुसार, “लोग तीनों दिनों में असली एक्शन देखना चाहते हैं, इसलिए शुक्रवार को ही वे कुछ खेल-संबंधी देखना चाहते हैं – चाहे वह क्वालीफाइंग हो या कुछ और, हालांकि, इससे रूकी ड्राइवरों को परेशानी हो सकती है, क्योंकि स्प्रिंट वीकेंड में उन्हें प्रैक्टिस के लिए बहुत कम समय मिलता है। इस समस्या के समाधान के लिए F1 नए ड्राइवरों को अतिरिक्त प्रैक्टिस समय देने पर विचार कर रहा है।
प्रशंसकों और ड्राइवरों की राय
F1 के सर्वेक्षण के अनुसार, 82% प्रशंसकों का मानना है कि स्प्रिंट रेस वीकेंड में अतिरिक्त मूल्य जोड़ती है, और 61% दर्शकों ने कहा कि स्प्रिंट रेस ने उनके इवेंट में शामिल होने के फैसले को प्रभावित किया, स्प्रिंट वीकेंड पर टीवी दर्शकों और सोशल मीडिया इंटरैक्शन में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, हालांकि, ड्राइवरों की राय मिली-जुली है। चार बार के विश्व चैंपियन मैक्स वेरस्टैपेन ने स्पष्ट कहा, “आप सभी जानते हैं कि स्प्रिंट रेस के बारे में मेरा रुख क्या है। मैंने इस पर काफी बात की है, उन्होंने यह भी कहा कि अगर हर रेस रोमांचक होगी तो वह “खास” नहीं रहेगी, फर्नांडो अलोंसो ने फुटबॉल का उदाहरण देते हुए कहा कि “90 मिनट के फुटबॉल मैच को छोटा करने की कोई बात नहीं होती, तो F1 रेस को क्यों छोटा किया जाए?

F1 स्प्रिंट रेस का बढ़ता कदम
F1 ने 2027 के लिए कुछ नियामक बदलावों को भी मंजूरी दी है, इनमें प्री-सीजन टेस्टिंग की अवधि को तीन से बढ़ाकर चार दिन करना शामिल है, F1 2027 में स्प्रिंट रेस को और अधिक रोमांचक बनाने के लिए रिवर्स ग्रिड जैसे प्रयोगात्मक फॉर्मेट पर भी विचार कर रहा है।
F1 स्प्रिंट रेस ने मोटरस्पोर्ट के सबसे बड़े मंच पर एक नया और रोमांचक आयाम जोड़ा है। 100 किलोमीटर की यह छोटी, तेज़, और पिट-स्टॉप-मुक्त दौड़ शनिवार को भी पूरे एक्शन से भरपूर अनुभव देती है। 2026 में छह रेस वीकेंड पर आयोजित होने वाली यह रेस, कनाडा, नीदरलैंड और सिंगापुर में पहली बार होगी, और सिल्वरस्टोन में इसकी वापसी होगी। स्प्रिंट क्वालीफाइंग में विशेष टायर नियम, शीर्ष 8 को मिलने वाले अंक, और दो पार्क फरमे डेडलाइन इस फॉर्मेट को और भी चुनौतीपूर्ण बनाते हैं। चाहे आप नए F1 फैन हों या पुराने, स्प्रिंट रेस हर रेस वीकेंड में देखने लायक ज़रूरी सेशन बन गया है।

