धार भोजशाला: लंदन से मां वाग्देवी की प्रतिमा वापस लाने की मांग तेज, केंद्रीय मंत्री ने की पहल

मध्य प्रदेश के धार स्थित भोजशाला में विराजमान मां वाग्देवी (सरस्वती) की प्रतिमा को लंदन से वापस भारत लाने की मांग एक बार फिर उठी है। धार से सांसद और केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से मुलाकात कर इस संबंध में एक पत्र सौंपा है। उन्होंने कहा है कि हाईकोर्ट के फैसले के बाद अब प्रतिमा वापसी का रास्ता साफ हो गया है।

धार भोजशाला: लंदन से मां वाग्देवी की प्रतिमा वापस लाने की मांग तेज, केंद्रीय मंत्री ने की पहल
“केंद्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर ने संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को मां वाग्देवी की प्रतिमा वापसी के संबंध में पत्र सौंपा।”

केंद्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर ने क्या कहा?

इंदौर में मीडिया से बातचीत के दौरान सावित्री ठाकुर ने बताया कि भोजशाला और मां वाग्देवी के सम्मान की लड़ाई वर्षों से हिंदू समाज और विभिन्न संगठनों द्वारा लड़ी जाती रही है। हाल ही में उन्होंने दिल्ली में केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से मुलाकात की और मां सरस्वती की प्रतिमा को लंदन से वापस भारत लाने का आग्रह किया।

उनके अनुसार, उच्च न्यायालय के हालिया निर्णय के बाद अब इस दिशा में आगे बढ़ने का रास्ता और मजबूत हुआ है। सावित्री ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार इस मामले पर गंभीरता से काम कर रही है। उन्होंने आगे बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा धार में ‘सरस्वती लोक’ के निर्माण की घोषणा भी की जा चुकी है, जिससे भोजशाला का महत्व और बढ़ेगा।

प्रधानमंत्री को भी कराएंगी अवगत

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारतीय संस्कृति और विरासत के संरक्षण के प्रति संवेदनशील रहे हैं। उन्होंने बताया कि जब भी प्रधानमंत्री धार आए हैं, उन्होंने मां वाग्देवी को नमन किया है। सावित्री ठाकुर ने कहा कि वह इस विषय से प्रधानमंत्री को भी अवगत कराएंगी, ताकि प्रतिमा की वापसी की प्रक्रिया को और गति मिल सके। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में मां वाग्देवी की प्रतिमा अपने मूल स्थान पर स्थापित होगी।

भोजशाला मामले में सुप्रीम कोर्ट में तीन याचिकाएं

गौरतलब है कि भोजशाला मामले से जुड़ी तीसरी याचिका हाल ही में सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई है। यह याचिका जिब्रान अंसारी ने दायर की है। इससे पहले शहर काजी और कमाल मौला वेलफेयर सोसायटी भी सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुकी है। सूत्रों के अनुसार, अब सुप्रीम कोर्ट में हिंदू और मुस्लिम पक्ष आमने-सामने होंगे और संभावना जताई जा रही है कि सुप्रीम कोर्ट तीनों याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई कर सकता है। हिंदू पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में पहले ही कैविएट दायर कर दिया है, जिससे बिना पक्ष सुने कोई अंतरिम आदेश (स्टे) न मिल सके।

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